Palamu: पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने मंगलवार को मेदिनीनगर स्थित स्थानीय परिषद में आयोजित प्रेस वार्ता में राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए पुलिस प्रशासन और सरकार की कार्यशैली की आलोचना की. उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाएं चिंता का विषय हैं और इससे आम लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है.उन्होंने हाल ही में सुरक्षा गार्ड विनोद पांडेय की गोली मारकर हुई हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था का प्रमाण हैं. त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि पुलिस के निचले स्तर के कुछ पदाधिकारियों की अपराधियों से मिलीभगत की बातें सामने आती रही हैं. उन्होंने मांग की कि जिन पुलिस अधिकारियों पर अपराधियों से संबंध रखने के आरोप हों, उनके खिलाफ पुलिस मुख्यालय स्तर से निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए.
जिम्मेदारी किसी सक्षम मंत्री को सौंप देनी चाहिए, ताकि राज्य में कानून-व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संभाला जाए: केएन त्रिपाठी
पूर्व मंत्री ने कहा कि गृह विभाग मुख्यमंत्री के पास है, लेकिन यदि वे इस विभाग को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं तो इसकी जिम्मेदारी किसी सक्षम मंत्री को सौंप देनी चाहिए, ताकि राज्य में कानून-व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संभाला जा सके. उन्होंने पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता के कार्यकाल का भी उल्लेख करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए.प्रेस वार्ता के दौरान केएन त्रिपाठी ने केंद्र सरकार की इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि आज अधिकांश पेट्रोल पंपों पर इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल उपलब्ध कराया जा रहा है. उन्होंने भाजपा से मांग की कि वह यह स्पष्ट करे कि पार्टी के कितने नेताओं के इथेनॉल प्लांट हैं और इस विषय पर एक व्हाइट पेपर जारी करे, ताकि पूरी स्थिति जनता के सामने आ सके.
गौरतलब है कि केएन त्रिपाठी अपनी ही गठबंधन सरकार की नीतियों पर समय-समय पर सवाल उठाते रहे हैं. एक बार फिर उन्होंने राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था, पुलिस व्यवस्था और केंद्र सरकार की इथेनॉल नीति को लेकर तीखा हमला बोलते हुए राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी.
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