Click Here

झारखंड सहित कई राज्यों में ईडी की बड़ी कार्रवाई, 581 करोड़ रुपये की 31 संपत्तियां अटैच

रांची: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए...

रांची: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 581 करोड़ 65 लाख रुपये मूल्य की 31 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है. ईडी के अनुसार अटैच की गई संपत्तियां झारखंड सहित गोवा, केरल, कर्नाटक, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और राजस्थान में स्थित जमीन के टुकड़ों के रूप में हैं. यह कार्रवाई रिलायंस पावर लिमिटेड से जुड़े मामले में 6 मार्च 2026 को की गई तलाशी के बाद की गई है.

15,729 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं:

जांच एजेंसी ने बताया कि इससे पहले भी बैंक धोखाधड़ी के मामलों में रिलायंस होम फाइनेंस और रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़ी 15,729 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं. इस तरह अंबानी समूह से जुड़ी अटैच संपत्तियों का कुल मूल्य अब 16,310 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. ईडी ने तलाशी के दौरान 2 करोड़ 48 लाख रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट, म्यूचुअल फंड और नकदी भी जब्त किए हैं. इसके अलावा रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के 13 बैंक खातों में मौजूद 77 करोड़ 86 लाख रुपये भी फ्रीज किए गए हैं.

सीबीआई एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी जांच:

ईडी ने बताया कि जांच 22 जुलाई 2025 को कई सीबीआई एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी. जांच में सामने आया कि रिलायंस होम फाइनेंस और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस ने कई बैंकों और वित्तीय संस्थानों से बड़ी मात्रा में धन जुटाया, जिनमें से करीब 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि बाद में एनपीए में बदल गई. जांच में यह भी सामने आया कि इन कंपनियों से जुटाए गए सार्वजनिक धन को कई शेल कंपनियों के माध्यम से रिलायंस समूह की अन्य कंपनियों में डायवर्ट किया गया. ईडी के अनुसार इन शेल कंपनियों का संबंध अनिल अंबानी समूह से था और इनकी वित्तीय क्षमता बेहद कम थी. ईडी ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है और आर्थिक अपराध से जुड़े दोषियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *