– गढ़वा, पलामू, गिरिडीह समेत कई जिलों में कम बारिश का असर, वैकल्पिक खेती को दिया जा रहा बढ़ावा
Ranchi: झारखंड में इस वर्ष कम बारिश के कारण उत्पन्न स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने आठ प्रमुख जिलों को सुखाड़ से प्रभावित माना है. विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सरकार ने आंशिक रूप से स्वीकार किया है कि बारिश की कमी के कारण राज्य के गढ़वा, पलामू, गिरिडीह, रामगढ़, चतरा, कोडरमा, पाकुड़ और बोकारो जिले अब तक हुए वर्षापात के अनुसार प्रभावित हुए हैं. विधायक सुरेश कुमार बैठा द्वारा पूछे गए अल्पसूचित प्रश्न के लिखित उत्तर में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग ने राज्य में सुखाड़ की स्थिति और किसानों को राहत देने के उपायों की जानकारी दी.
अगस्त में जारी है रोपनी, फसल आच्छादन प्रगति पर
कम वर्षा से किसानों पर पड़ रहे असर के सवाल पर विभाग ने स्पष्ट किया कि अगस्त माह में लगातार बारिश हो रही है. राज्य में सामान्यतः अगस्त माह तक धान रोपनी का कार्य चलता है, जो फिलहाल प्रगति पर है.
प्रभावित क्षेत्रों के लिए बनी विशेष कार्य योजना
अल्प वर्षा की स्थिति से निपटने और किसानों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा राज्य स्तर पर आकस्मिकता कार्य योजना तैयार की गई है. इसके तहत: क्षेत्र विशेष की अनुकूलता और उपयोगिता के अनुसार दलहन, तिलहन, सब्जी, और उद्यानिकी (बागवानी) फसलों की खेती को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है. प्रभावित क्षेत्रों में संबंधित योजनाओं का लाभ पात्र किसानों (लाभुक) तक प्राथमिकता के आधार पर पहुंचाने के लिए सरकार ने कृत संकल्पित होने की बात कही है.
ALSO READ : जामताड़ा: VB-G RAM G अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित
