Saurav Singh
Ranchi : झारखंड सीआईडी CID एक्शन मोड़ में नजर आ रही हैं. एडीजी मनोज कौशिक के नेतृत्व में सीआईडी की टीम डिजिटल अरेस्ट, इंवेस्टमेंट स्कैम से लेकर चाइल्ड पोर्नोग्राफी नेटवर्क पर कार्रवाई की हैं. सीआईडी ने ऐसे नेटवर्क में शामिल आरोपियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाते हुए राज्य और देश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय बड़े स्कैम नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. सीआईडी ने 2025-2026 के दौरान डिजिटल अरेस्ट, फॉरेक्स इंवेस्टमेंट स्कैम, साइबर स्लेवरी और टेलीग्राम के जरिए अवैध सामग्री फैलाने वाले गिरोहों पर कड़ा प्रहार किया है. सीआईडी ने करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामलों को सुलझाते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आइए जानते हैं सीआईडी द्वारा पकड़े गए इन मुख्य मामलों की पूरी रिपोर्ट.

डिजिटल अरेस्ट और करोड़ों का इंवेस्टमेंट स्कैम (मुख्य मामले : 2025-2026) :
– साइबर अपराधियों द्वारा लोगों को डरा-धमकाकर डिजिटल अरेस्ट करने और निवेश के नाम पर ठगने के कई बड़े मामले सामने आए हैं.
– केस संख्या 27/26 (फॉरेक्स और इन्वेस्टमेंट स्कैम) : इस मामले में करीब 8.52 करोड़ रूपया धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया था. सीआईडी ने कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है.
– केस संख्या 24/26 (डिजिटल अरेस्ट) : सीबीआई एनसीबी, एनआईए और पुलिस अधिकारी बनकर बदमाशों ने करीब 38 लाख की ठगी की. इस मामले में जमशेदपुर के घाटशिला और कदमा से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. जांच में सामने आया कि पीड़ितों पर मानसिक दबाव और कानूनी धमकियां देकर पैसे ट्रांसफर कराए जाते थे. पुलिस ने इनके पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड और व्हाट्सएप चैट बरामद की है.
– केस संख्या 118/24 (बुजुर्गों को निशाना) : डिजिटल अरेस्ट के जरिए एक सीनियर सिटीजन से 30 लाख की ठगी की गई थी. इस मामले में आरोपी को जयपुर, राजस्थान से गिरफ्तार किया गया.
– केस संख्या 13/26 (म्यूल अकाउंट नेटवर्क) : रांची से गिरफ्तार आरोपियों का संबंध मनीष फर्नीशिंग कंपनी के बैंक खाते से था, जो कि 11 अलग-अलग डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड मामलों से जुड़ा पाया गया.
– केस संख्या 98/25 (डिजिटल अरेस्ट) : 10 लाख की धोखाधड़ी के इस मामले में नोएडा (उत्तर प्रदेश) से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया.
– केस संख्या 158/25 (साइबर स्लेवरी) : अंतरराष्ट्रीय स्कैम सेंटर और साइबर स्लेवरी से जुड़े इस मामले में मुंबई और जमशेदपुर से दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है.
टेलीग्राम पर चल रहे चाइल्ड पोर्नोग्राफी नेटवर्क का भंडाफोड़
सीआईडी को एक और बड़ी कामयाबी केस संख्या 41/26 में मिली है. जहां इंटरनेट पर बच्चों से संबंधित यौन शोषक और अपमानजनक सामग्री फैलाने वाले एक बड़े नेटवर्क को क्रैक किया गया है. इस मामले में वहाब अंसारी और हसन रजा नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इन दोनों को झारखंड के गिरिडीह जिले के कोलडीह इलाके से दबोचा गया. जांच में खुलासा हुआ है कि ये आरोपी टेलीग्राम ग्रुप्स और चैनल्स के जरिए अवैध सामग्री का आदान-प्रदान कर रहे थे. इस नेटवर्क के तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ओमान, बांग्लादेश और यूएई से जुड़े हुए हैं. पुलिस ने इनके पास से मोबाइल फोन और ऐसे डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं, जिनमें बाल शोषण से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री मौजूद थी.
पोक्सो और आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई
सीआईडी ने केस संख्या 36/25 के तहत एक नाबालिग आरोपी को भी हिरासत में लिया है. जिसे जुवेनाइल होम (बाल सुधार गृह) भेजा गया है. इस मामले में मोबाइल फोन और डिजिटल सबूत जब्त किए गए हैं. पूरी जांच भारतीय न्याय संहिता आईटी एक्ट और पोक्सो के प्रावधानों के तहत की जा रही है.
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