“खेत बचाओ अभियान” के तहत कुकड़ू प्रखंड में किसान जागरूकता सह ऋण शिविर आयोजित

Seraikela: कुकड़ू प्रखंड में “खेत बचाओ अभियान” के तहत किसान जागरूकता सह ऋण शिविर का आयोजन किया गया. शिविर का उद्देश्य किसानों...

Seraikela: कुकड़ू प्रखंड में “खेत बचाओ अभियान” के तहत किसान जागरूकता सह ऋण शिविर का आयोजन किया गया. शिविर का उद्देश्य किसानों को समय पर संस्थागत कृषि ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), फसल बीमा एवं अन्य कृषि संबंधी वित्तीय सेवाओं से जोड़ते हुए उन्हें अनौपचारिक ऋण स्रोतों पर निर्भरता एवं आर्थिक शोषण से बचाने के प्रति जागरूक करना था.

कृषि ऋण, KCC और डिजिटल सेवाओं की दी गई जानकारी

शिविर के दौरान किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के लाभों की जानकारी दी गई तथा पात्र किसानों के आवेदन प्राप्त किए गए. साथ ही “कृषिका ऐप” के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए किसानों को डिजिटल माध्यम से सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया. कार्यक्रम में वित्तीय साक्षरता पर विशेष सत्र आयोजित कर किसानों को बचत की आदत विकसित करने, पारिवारिक बजट प्रबंधन, डिजिटल भुगतान प्रणाली, यूपीआई (UPI) के सुरक्षित उपयोग तथा साइबर धोखाधड़ी से बचाव के संबंध में जानकारी दी गई. किसानों को वित्तीय लेन-देन में सतर्कता बरतने एवं सुरक्षित बैंकिंग व्यवहार अपनाने के लिए जागरूक किया गया.

शिविर में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY), प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN), स्वयं सहायता समूहों के वित्तपोषण, पशुपालन एवं मत्स्य पालन से जुड़े किसान क्रेडिट कार्ड सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई. किसानों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने हेतु आवश्यक प्रक्रियाओं एवं पात्रता संबंधी जानकारी भी दी गई.

ALSO READ: सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त कार्रवाई, गिरिडीह में विशेष वाहन जांच अभियान, 102 वाहनों का कटा चालान

15 दिनों के भीतर कार्रवाई का आश्वासन

शिविर में उपस्थित बैंक प्रतिनिधियों द्वारा प्राप्त किसान क्रेडिट कार्ड आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करते हुए 15 दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया. साथ ही ऋण अदायगी में कठिनाई का सामना कर रहे किसानों को वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना के संबंध में भी जानकारी प्रदान की गई.

अग्रणी जिला प्रबंधक ने किसानों से अपील की कि वे समय पर बैंकिंग संस्थानों से कृषि ऋण प्राप्त करें, अपनी फसलों का बीमा कराएं तथा कृषि एवं आजीविका संबंधी आवश्यकताओं के लिए केवल अधिकृत वित्तीय संस्थानों का ही उपयोग करें. उन्होंने कहा कि संस्थागत ऋण एवं सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर किसान आर्थिक रूप से सशक्त बन सकते हैं तथा अनौपचारिक साहूकारों के शोषण से बच सकते हैं. शिविर में बैंक प्रतिनिधि, पंचायत जनप्रतिनिधि, संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान भाई-बहन उपस्थित थे.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *