Khunti: धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि के अवसर पर उनकी जन्मस्थली एवं ऐतिहासिक गांव उलिहातू में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर उलगुलान मोर्चा के अध्यक्ष मुकेश मुंडा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल उलिहातू पहुंचा और भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके संघर्ष, बलिदान और सामाजिक योगदान को याद किया. कार्यक्रम के दौरान उलगुलान मोर्चा के अध्यक्ष मुकेश मुंडा ने भगवान बिरसा मुंडा के पोते सुखराम मुंडा को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया. उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा का जीवन जल, जंगल, जमीन और आदिवासी अस्मिता की रक्षा के लिए समर्पित रहा. उनके विचार और संघर्ष आज भी समाज को अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने तथा अपने अधिकारों की रक्षा के लिए प्रेरित करते हैं. प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने सुखराम मुंडा एवं उनके परिवारजनों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना. इस दौरान परिवार के साथ सामाजिक, सांस्कृतिक और जनजातीय समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा भी की गई.
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धरती आबा की विरासत पूरे देश की अमूल्य धरोहर
मुकेश मुंडा ने कहा कि धरती आबा की विरासत केवल आदिवासी समाज ही नहीं, बल्कि पूरे देश की अमूल्य धरोहर है. उनके सपनों के अनुरूप न्यायपूर्ण, समतामूलक और स्वाभिमानी समाज के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है. कार्यक्रम के अंत में उलगुलान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि भगवान बिरसा मुंडा के विचारों, संघर्षों और बलिदान को जन-जन तक पहुंचाने तथा उनके आदर्शों पर आधारित समाज निर्माण के लिए लगातार कार्य किए जाएंगे. इस अवसर पर उलगुलान मोर्चा के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
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