Palamu: पलामू के सांसद विष्णु दयाल राम ने लोकसभा में नियम 377 के तहत मेदिनीनगर स्थित चियांकी हवाई अड्डे के विकास और यहां से जल्द नियमित वाणिज्यिक उड़ान सेवा शुरू करने का मुद्दा उठाया. उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से चियांकी एयरपोर्ट से जुड़ी सभी आवश्यक प्रक्रियाओं और निर्माण कार्यों को मिशन मोड में पूरा कराने की मांग की.
UDAN योजना में चयन के बाद भी शुरू नहीं हुई नियमित उड़ान
सांसद ने लोकसभा में कहा कि केंद्र सरकार की संशोधित उड़ान योजना यानी UDAN के तहत चियांकी हवाई अड्डे को विकसित करने के लिए चयनित किया गया था. इसके बावजूद अब तक यहां से नियमित वाणिज्यिक उड़ान सेवा शुरू नहीं हो सकी है. लंबे समय से उड़ान सेवा शुरू होने का इंतजार कर रहे पलामू के लोगों में इसे लेकर निराशा है. उन्होंने सरकार से इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने और क्षेत्र के लोगों को जल्द हवाई सेवा उपलब्ध कराने की मांग की.
तीन जिलों की 50 लाख से अधिक आबादी को मिलेगा लाभ
पलामू प्रमंडल के पलामू, गढ़वा और लातेहार जिले की बड़ी आबादी को फिलहाल हवाई यात्रा के लिए रांची, गया या वाराणसी जैसे दूर स्थित एयरपोर्ट पर निर्भर रहना पड़ता है. इससे यात्रियों को अतिरिक्त समय और आर्थिक खर्च उठाना पड़ता है. चियांकी एयरपोर्ट से नियमित उड़ान सेवा शुरू होने के बाद आम यात्रियों के साथ-साथ मरीजों, व्यापारियों, उद्योगपतियों और सरकारी अधिकारियों को भी काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है.
पर्यटन और कारोबार को मिलेगी नई रफ्तार
सांसद विष्णु दयाल राम ने कहा कि चियांकी हवाई अड्डे के नियमित रूप से संचालित होने से पलामू प्रमंडल में पर्यटन, उद्योग और व्यापार को नई गति मिल सकती है. पलामू टाइगर रिजर्व, बेतला राष्ट्रीय उद्यान, पलामू किला और नेतरहाट जैसे पर्यटन स्थलों तक देश के दूसरे हिस्सों से आने वाले पर्यटकों की पहुंच आसान होगी. हवाई कनेक्टिविटी बेहतर होने से कृषि उत्पादों, तसर, लाख, वनोपज और स्थानीय लघु उद्योगों को भी बड़े बाजार तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है. इससे निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है.
एयर एंबुलेंस और आपदा प्रबंधन में भी होगा फायदा
चियांकी हवाई अड्डे के संचालन से स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है. गंभीर मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा वाले शहरों तक जल्द पहुंचाने में एयर एंबुलेंस की सुविधा उपयोगी साबित हो सकती है. वहीं प्राकृतिक आपदा या अन्य आपात परिस्थितियों में राहत और बचाव कार्यों में भी एयरपोर्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.
रनवे से लेकर टर्मिनल तक काम जल्द पूरा कराने की मांग
सांसद ने केंद्र सरकार से चियांकी हवाई अड्डे से जुड़े लंबित बुनियादी ढांचे के कार्यों को तेजी से पूरा कराने का आग्रह किया. इनमें रनवे विस्तार, टर्मिनल भवन, एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर, सुरक्षा व्यवस्था और अग्निशमन सुविधाएं प्रमुख हैं. उन्होंने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और झारखंड सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की भी मांग की. साथ ही लंबित स्वीकृतियों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने और परियोजना की प्रगति पर नियमित निगरानी के लिए उच्चस्तरीय निगरानी समिति गठित करने का सुझाव दिया.
पूरे पलामू प्रमंडल को मिल सकती है नई दिशा
सांसद का कहना है कि चियांकी हवाई अड्डे से नियमित उड़ान सेवा शुरू होने से न केवल पलामू बल्कि पूरे पलामू प्रमंडल के आर्थिक, औद्योगिक, पर्यटन और स्वास्थ्य क्षेत्र को नई दिशा मिल सकती है.
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