Khunti/Rania: सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-6 जल विद्युत परियोजना की सुरंग में हुए भीषण हादसे ने झारखंड के कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है. हादसे में अब तक 22 मजदूरों के शव बरामद किए जाने की जानकारी है, जिनमें झारखंड के चार श्रमिक भी शामिल हैं. मृतकों में हजारीबाग के बरही निवासी जागेश्वर ठाकुर, खूंटी जिले के रनिया प्रखंड निवासी कृष्णा साहू और विकास कंडुलना, जबकि पश्चिमी सिंहभूम के बंदगांव निवासी मसीह बारजो शामिल हैं. हादसे की खबर के बाद खूंटी, हजारीबाग और पश्चिमी सिंहभूम के संबंधित गांवों में मातम पसरा हुआ है.
रनिया के कृष्णा साहू और विकास कंडुलना की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया. कृष्णा साहू पिछले करीब तीन वर्षों से परियोजना में काम कर रहे थे और इसी महीने की शुरुआत में घर से काम पर लौटे थे. सुरंग से शव निकाले जाने के बाद उनके बड़े भाई ने शव की पहचान की और परिवार को इसकी सूचना दी. परिजनों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिलने के कारण क्षेत्र के युवाओं को मजबूरी में दूसरे राज्यों में जाकर काम करना पड़ता है. वहीं, विकास कंडुलना की पत्नी ने बताया कि विकास फरवरी महीने में गांव आए थे और मई में दोबारा काम पर चले गए थे. उन्होंने परिवार से कहा था कि बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलानी है और उनके भविष्य को बेहतर बनाना है. लेकिन हादसे ने परिवार के सपनों को गहरा आघात पहुंचाया है.
मृतकों के परिजनों से मिले अधिकारी और जनप्रतिनिधि
घटना की जानकारी मिलने के बाद गुरुवार को रनिया बीडीओ प्रशांत डांग, सीओ, लेबर सुपरिटेंडेंट वाल्टर कुजूर, जिला परिषद अध्यक्ष मसीह गुड़िया समेत कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मृतकों के घर पहुंचे. अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी तथा सरकारी प्रावधानों के तहत हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया. प्रशासन की ओर से बताया गया कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मृत श्रमिकों के शवों को झारखंड लाने की कार्रवाई तेज कर दी गई है. परिजन अब अपनों के शव के घर पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं.
हादसे के बाद फिर उठा मजदूरों के पलायन का मुद्दा
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर झारखंड से हो रहे मजदूरों के पलायन और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अभाव के मुद्दे को सामने ला दिया है. जिला परिषद अध्यक्ष मसीह गुड़िया ने कहा कि राज्य के युवाओं को अपने ही प्रदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में गंभीर पहल की जरूरत है. वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष आनंद कुमार ने कहा कि रोजगार के अभाव में झारखंड के युवा दूसरे राज्यों में जोखिम भरे कार्य करने को मजबूर हैं और कई बार ऐसे हादसों में उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ती है.
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