Ranchi: झारखंड के बोकारो और हजारीबाग SP कार्यालय से हुई करोड़ों रुपये की अवैध निकासी मामले में CID की विशेष जांच टीम (SIT) ने जांच तेज कर दी है. मामले की तह तक पहुंचने के लिए SIT ने दोनों जिलों के SP कार्यालय में इस्तेमाल किए गए कंप्यूटरों की हार्ड डिस्क जब्त कर उन्हें फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेज दिया है. माना जा रहा है कि FSL की रिपोर्ट आने के बाद इस बहुचर्चित ट्रेजरी घोटाले से जुड़े कई बड़े राज सामने आ सकते हैं.
SIT को उम्मीद है कि हार्ड डिस्क की फॉरेंसिक जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि अवैध निकासी की राशि किन-किन लोगों के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई. साथ ही कंप्यूटर सिस्टम में इस्तेमाल किए गए लॉगिन, डिजिटल रिकॉर्ड, फर्जी बिल, भुगतान संबंधी दस्तावेज और अन्य तकनीकी साक्ष्य भी सामने आ सकते हैं.

41 करोड़ रूपया की हुई है अवैध निकासी
SIT को अब तक की जांच में यह जानकारी मिली है कि बोकारो एसपी कार्यालय से लगभग 10 करोड़ रुपये तथा हजारीबाग SP कार्यालय से करीब 31 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की गई है. जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों जिलों में संगठित तरीके से सरकारी राशि की निकासी की गई. जांच एजेंसियों के अनुसार, बोकारो में इस अवैध निकासी कांड का मास्टरमाइंड कौशल पांडेय और हजारीबाग में शंभू कुमार को माना जा रहा है. एसआईटी ने दोनों आरोपियों के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए हैं. अब इस बात की गहन पड़ताल की जा रही है कि अवैध रूप से निकाली गई राशि किन खातों में भेजी गई और उसका इस्तेमाल कहां किया गया.
सूत्रों के अनुसार, SIT बैंक खातों के ट्रांजैक्शन, डिजिटल भुगतान और संदिग्ध खातों के नेटवर्क की भी जांच कर रही हैं. FSL रिपोर्ट के आधार पर कई अन्य लोगों की संलिप्तता का भी खुलासा हो सकता है.
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