Giridih: गिरिडीह जिला के तेलोडीह पंचायत की जर्जर मुख्य सड़क के निर्माण एवं तत्काल मरम्मती की मांग को लेकर बुधवार को पंचायतवासियों ने जोरदार तरीके से अपनी आवाज बुलंद की. मुखिया शब्बीर आलम के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से विशाल मानव श्रृंखला बनाकर जिला प्रशासन और सरकार का ध्यान सड़क की बदहाल स्थिति की ओर आकृष्ट कराया. मानव श्रृंखला की शुरुआत तेलोडीह स्थित पेट्रोल पंप से हुई. इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों, वार्ड सदस्य प्रतिनिधियों, पंचायत समिति सदस्य, उपमुखिया, समाजसेवियों, बुद्धिजीवियों के अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीण, बुजुर्ग, युवा एवं बच्चे शामिल हुए. ग्रामीण हाथों में विभिन्न मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर सड़क की स्थिति के खिलाफ आवाज उठाते हुए फॉरेस्ट कॉलोनी तक पहुंचे. इस दौरान हक दो, सड़क दो,न्याय दो, सड़क दो, सहित कई नारे लगाए गए.

दो वर्षों से सड़क की हालत खराब
मानव श्रृंखला का नेतृत्व कर रहे मुखिया शब्बीर आलम ने कहा कि तेलोडीह पंचायत की मुख्य सड़क पिछले करीब दो वर्षों से जर्जर स्थिति में है. सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि बारिश के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है. सड़क पर जलजमाव और गड्ढों के कारण दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है. मुखिया ने कहा कि पंचायत के ग्रामीण रोजाना इसी सड़क से होकर स्कूल, अस्पताल, बाजार, प्रखंड कार्यालय और अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचते हैं. सड़क की खराब स्थिति के कारण वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल चलने वाले लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है. ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं, बावजूद इसके सड़क की मरम्मती या निर्माण को लेकर अब तक ठोस पहल नहीं हुई है.
सड़क नहीं, मौत का रास्ता बन चुकी है
मुखिया शब्बीर आलम ने कहा कि लंबे समय से बदहाल सड़क अब लोगों के लिए परेशानी का कारण ही नहीं, बल्कि गंभीर खतरे का रूप ले चुकी है. उन्होंने कहा कि आए दिन वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने की स्थिति पैदा होती है और राहगीरों को चोटें लगती हैं. ऐसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है. उन्होंने जिला प्रशासन एवं सरकार से मांग करते हुए कहा कि तेलोडीह की सड़क का स्थायी निर्माण कराया जाए. यदि तत्काल निर्माण संभव नहीं है तो कम-से-कम युद्धस्तर पर सड़क की मरम्मती कराकर ग्रामीणों को राहत दी जाए.
प्रशासन को शांतिपूर्ण आंदोलन के जरिए संदेश
मुखिया ने कहा कि पंचायतवासी लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपनी मांग प्रशासन के समक्ष रख रहे हैं. मानव श्रृंखला का उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद पैदा करना नहीं, बल्कि जनता की गंभीर समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना है. उन्होंने कहा कि प्रशासन ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई करे. उन्होंने सवाल उठाया कि जब हजारों लोग प्रतिदिन जान जोखिम में डालकर इस सड़क से गुजरने को मजबूर हैं, तो आखिर इस स्थिति के लिए जिम्मेदार कौन है और सड़क निर्माण में हो रही देरी का कारण क्या है.
मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन होगा तेज
मुखिया शब्बीर आलम ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द सड़क निर्माण अथवा मरम्मती की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो पंचायतवासी चरणबद्ध तरीके से संवैधानिक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर ग्रामीण भूख हड़ताल जैसे लोकतांत्रिक कदम भी उठाएंगे. मानव श्रृंखला के माध्यम से तेलोडीह पंचायतवासियों ने जिला प्रशासन और सरकार को स्पष्ट संदेश दिया कि सड़क की समस्या अब केवल शिकायत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीणों के लिए रोजमर्रा की जिंदगी और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुकी है. ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द पहल करते हुए सड़क निर्माण या तत्काल मरम्मती कार्य शुरू कराने की मांग की.
AlsoRead:रंगदारी मांगने और फायरिंग का 12 साल पुराना मामला, आरोपी साक्ष्य के अभाव में बरी

