गिरिडीह: मेहनत पर भारी पड़ा जहर, एक रात में बर्बाद हुआ मत्स्य पालन

Giridih: शहर के बीचों-बीच स्थित हुट्टी बाजार के शहीद सीताराम उपाध्याय चिल्ड्रेन पार्क में एक बेहद शर्मनाक और दिल दहला देने वाली...

Giridih: शहर के बीचों-बीच स्थित हुट्टी बाजार के शहीद सीताराम उपाध्याय चिल्ड्रेन पार्क में एक बेहद शर्मनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. बच्चों की किलकारियों और लोगों की चहल-पहल के बीच स्थित तालाब में कथित तौर पर जहर डालकर करीब 3 क्विंटल मछलियों को मौत के घाट उतार दिया गया. तालाब के पानी में तैरती और किनारों पर पड़ी सैकड़ों मृत मछलियों का दृश्य देखकर लोगों में भारी आक्रोश फैल गया.

बताया जाता है कि मत्स्य विभाग द्वारा मार्च 2025 में तालाब का टेंडर जारी किए जाने के बाद स्थानीय युवक संदीप मल्हा ने पूरी लगन और मेहनत से मछली पालन शुरू किया था. बेहतर उत्पादन की उम्मीद में उन्होंने अपनी पूंजी और मेहनत दोनों झोंक दी थी. लेकिन शुक्रवार सुबह जब वह तालाब पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए. तालाब में बड़ी संख्या में मछलियां मृत अवस्था में तैर रही थीं और पानी से दुर्गंध उठ रही थी.

मेहनत और रोजगार को खत्म करने की साजिश: संदीप मल्हा 

पीड़ित संदीप मल्हा ने आरोप लगाया कि यह कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि उनकी मेहनत और रोजगार को खत्म करने की सोची-समझी साजिश है. उनका कहना है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने तालाब में जहर डाल दिया, जिसके कारण सारी मछलियां मर गई. इस घटना से उन्हें करीब 2 लाख 10 हजार रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है. संदीप ने भावुक होकर कहा कि मछली पालन ही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन था. एक रात में सब कुछ बर्बाद हो जाने से उनके सामने परिवार चलाने का संकट खड़ा हो गया है. उनकी आंखों के सामने महीनों की मेहनत पानी में तैरती मृत मछलियों के रूप में नजर आ रही है.

नागरिकों ने प्रशासन से की निष्पक्ष जांच की मांग

घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में तालाब के पास पहुंच गए. लोगों ने इस कृत्य को गरीब की रोजी-रोटी पर हमला बताते हुए कड़ी निंदा की. स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जल्द से जल्द दोषियों की पहचान की जाए और उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो. लोगों का कहना है कि किसी व्यक्ति की मेहनत, उसके सपनों और उसके परिवार की आजीविका को इस तरह जहर देकर खत्म कर देना न सिर्फ अपराध है, बल्कि मानवता के खिलाफ भी है. अब पूरे शहर की नजर प्रशासन पर टिकी है कि आखिर इस “जहरीली साजिश” के पीछे कौन है और कब तक दोषियों को कानून के शिकंजे में लाया जाता है.

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