Hazaribagh: जिले के कटकमसांडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली की बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है. बीती रात, 18 मई को 10 बजे सुदूरवर्ती हटकोना गांव की दो मासूम बच्चियों को जहरीले सांप ने काट लिया. इसके बाद परिजन आनन-फानन में बच्चियों को इलाज के लिए कटकमसांडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, लेकिन वहां ना कोई डॉक्टर मौजूद था और ना ही तत्काल इलाज की कोई समुचित व्यवस्था दिखाई दी. परिजनों के अनुसार बच्चियां दर्द से तड़पती रहीं, लेकिन अस्पताल में मौजूद कर्मियों द्वारा गंभीरता नहीं दिखाई गई. परिजन का आरोप है कि करीब एक घंटे इंतजार के बाद अस्पताल के कुछ कर्मी कटकमसांडी थाना पुलिस के साथ अस्पताल पहुंचे. पुलिस के साथ अस्पताल कर्मी और डॉक्टर पहुंचे तो इलाज की प्रक्रिया शुरू की गयी. ग्रामीणों का कहना है कि इलाज करने और स्थिति को संभालने के बजाय परिजनों एवं ग्रामीणों को डराने-धमकाने का प्रयास किया गया, जो बेहद चिंताजनक है.

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स्वास्थ्य सेवा में सुधार की मांग, अन्यथा आंदोलन की चेतावनी
घटना के बाद हटकोना गांव सहित आसपास के ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है. लोगों का कहना है कि जब प्रखंडस्तरीय अस्पताल में भी सांप काटने जैसी आपातकालीन घटना में समय पर इलाज नहीं मिलेगा, तो गरीब एवं ग्रामीण परिवार आखिर जाएंगे कहां? ग्रामीणों का कहना है कि कटकमसांडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रात के समय स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाती है. डॉक्टरों की अनुपस्थिति और आपातकालीन सेवाओं में लापरवाही अब लोगों की जान पर आ जाती है. सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग एवं मानवाधिकार आयोग से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अस्पताल प्रभारी एवं संबंधित कर्मियों पर सख्त कार्रवाई करने तथा अस्पताल में 24 घंटे इमरजेंसी सेवा सुनिश्चित करने की मांग की है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में जनआंदोलन किया जाएगा. लोगों ने कहा कि गरीब, आदिवासी और ग्रामीण परिवार भी इंसान हैं. उन्हें भी सम्मान और समय पर इलाज मिलना चाहिए.
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