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FCI से JSFC के गोदाम तक चावल पहुंचाने में बड़ी लापरवाही, ट्रैकिंग सिस्टम नहीं लगाने पर ठेकेदार को शो कॉज

Ranchi : सार्वजनिक वितरण प्रणाली PDS के तहत खाद्यान्न की आपूर्ति को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए झारखंड राज्य खाद्य एवं...

Ranchi : सार्वजनिक वितरण प्रणाली PDS के तहत खाद्यान्न की आपूर्ति को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए झारखंड राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड JSFC ने वाहन ट्रैकिंग सिस्टम VTS को अनिवार्य कर दिया है. इसके बावजूद निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने वाले परिवहन अभिकर्ताओं पर अब कार्रवाई शुरू हो गई है. इसी क्रम में निगम ने परिवहन अभिकर्ता कुश पटेल को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किया है. दरअसल, भारतीय खाद्य निगम FCI के गोदामों से झारखंड स्टेट फूड कॉरपोरेशन JSFC के गोदामों तक खाद्यान्न पहुंचाने में लगे सभी वाहनों में मानक के अनुरूप व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम VTS लगाना अनिवार्य है. इस व्यवस्था का उद्देश्य खाद्यान्न की आवाजाही की वास्तविक समय में निगरानी करना, कालाबाजारी पर रोक लगाना और यह सुनिश्चित करना है कि गोदाम से निकला अनाज निर्धारित गंतव्य तक सुरक्षित और समय पर पहुंचे. कई बार ऐसी शिकायतें मिलती है कि खाद्यान्न लेकर चलने वाले वाहन बीच रास्ते में अनधिकृत स्थानों पर रुकते हैं या निर्धारित मार्ग से भटक जाते हैं. VTS की मदद से वाहनों की लोकेशन, गति और रूट की लगातार निगरानी की जा सकती है. इससे परिवहन प्रक्रिया अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनती है.

परिवहन अभिकर्ता को ब्लैक लिस्ट में डालने की चेतावनी

झारखंड राज्य खाद एवं सैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड की प्रबंध निदेशक रंजीत टोप्पो की ओर से जारी शो कॉज़ नोटिस में कहा गया है कि परिवहन अभिकर्ता को पहले भी अपने वाहनों में VTS लगाने का निर्देश दिया गया था, लेकिन इसके अनुपालन में गंभीरता नहीं दिखाई गई. इसके बाद उन्हें अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समय तक संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो इसे निर्देशों की अवहेलना माना जाएगा. साथ ही संतोषजनक जवाब नहीं होने या नियमों के पालन में विफल रहने की स्थिति में संबंधित परिवहन अभिकर्ता का नाम ब्लैकलिस्ट में दर्ज किया जा सकता है. साथ ही परिवहन संचालन से जुड़े अनुबंधों पर भी प्रभाव पड़ सकता है.

वाहन ट्रैकिंग सिस्टम से चावल की कालाबाजारी पर लगेगी रोक

जीपीएस आधारित वाहन ट्रैकिंग सिस्टम लगे होने से वाहनों के मूवमेंट का पता लगाना आसान होता है. इससे राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी, खाद्यान्न की चोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगेगा और लाभुकों तक समय पर अनाज पहुंचाने में मदद मिलेगी. इसलिए सभी परिवहन एजेंसियों को निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया गया है. मालूम हो कि पिछले दिनों पुराना विधानसभा के पास एक ट्रक को कालाबाजारी का चावल लेकर जाते हुए पकड़ा गया था. उसमें भी व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम नहीं था.

 

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