Gumla: गुमला जिले में बहुत बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है. सब्जी की खेती करके बहुत से किसान अपनी जीविका चलाते हैं. लेकिन उनकी मेहनत का पूरा लाभ नहीं मिल पाता है. क्योंकि किसानों के लिए कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था नहीं है. बाजार में सब्जी बेचने के बाद जो सब्जियां बच जाती है, उसे किसान वहीं छोड़कर या औने-पौने दाम पर बेचकर वापस घर आ जाते हैं. यदि कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था रहती तो किसान इसका उपयोग कर सकते थे. गुमला जिला में कृषि विभाग के सहकारिता विभाग के माध्यम से कई स्थानों पर कोल्ड स्टोरेज का निर्माण करवाया जा रहा था, लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि बीते 7 वर्षों में इन कोल्ड स्टोरेज का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया. इसका निर्माण आज भी अधर में है.

सरकार से इस दिशा में ध्यान देने की मांग
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद मिन्हाज की मानें तो सरकार की कथनी और करनी में काफी अंतर है. सरकार किसी भी पार्टी की रही हो, किसानों के हित के लिए गंभीरता से पहल नहीं की. उनका कहना है कि जिले में कोल्ड स्टोरेज बन गया रहता तो किसानों को काफी सुविधा मिलती और सब्जी के अच्छे दाम भी मिलते. वहीं सामाजिक कार्यकर्ता अजय किशोर नाथ पांडे ने कहा कि अगर किसानों को सही रूप से मजबूत करना है तो किसानों को हर तरह की सुविधा प्रदान करना होगा. कोल्ड स्टोरेज का निर्माण करवाना गुमला जिला के लिए नितांत आवश्यक है. लेकिन इसे लेकर किसी भी सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई. उन्होंने हेमंत सरकार से मांग की है कि सरकार कोल्ड स्टोरेज का निर्माण करवा कर किसानों को तोहफा दे.

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डीसी ने दिया भरोसा
जिले के दौरे पर आई सूबे की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की से जब इस संबंध में बात की गयी तो उन्होंने किसानों के प्रति गंभीरता तो दिखाई लेकिन कोल्ड स्टोरेज के निर्माण कार्य को लेकर गोल-मटोल जवाब दिया. इस संबंध में जिले के डीसी दिलेश्वर महतो ने कहा है कि सरकार के माध्यम से पत्राचार कर सारे कोल्ड स्टोरेज का निर्माण कार्य पूरा करवाने का प्रयास किया जाएगा. सरकार ने जो राशि इन कोल्ड स्टोरेज के निर्माण के लिए निर्गत किया है, उसका पूरा उपयोग हो और किसानों को इसका लाभ मिले. उन्होंने माना कि अगर कोल्ड स्टोरेज का निर्माण जल्द पूरा हो जाता है तो किसानों को इसका लाभ मिलेगा. किसानों को अपने उत्पादों का अच्छा दाम मिल सकेगा.
