Gumla: गुमला में झालसा के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), गुमला अजीत कुमार सिंह के मार्गदर्शन में जिले के सभी 12 प्रखंड कार्यालयों में विधिक सेवा सह सशक्तिकरण शिविर का आयोजन किया गया. शिविरों में न्यायिक पदाधिकारियों, एलएडीसी, पैनल अधिवक्ताओं एवं पीएलवी ने उपस्थित होकर आम लोगों को विधिक सेवाओं एवं विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी. जिले के सभी प्रखंडों में आयोजित शिविरों के माध्यम से कुल 9,523 लाभुकों के बीच लगभग 39 करोड़ 19 लाख 49 हजार रुपये की परिसंपत्तियों एवं योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया. इस दौरान किसान क्रेडिट कार्ड, आवास योजना के स्वीकृति पत्र, जॉब कार्ड, पेंशन स्वीकृति पत्र सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित लाभ वितरित किए गए. दिव्यांगजनों के बीच व्हीलचेयर का भी वितरण किया गया.

जानकारी के अभाव में ग्रामीण सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते
गुमला प्रखंड में आयोजित मुख्य शिविर का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, डालसा अजीत कुमार सिंह, उप विकास आयुक्त अनिमेष कुमार, अंचल अधिकारी हरिष कुमार एवं इंदु पांडे ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. प्रखंड विकास पदाधिकारी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी. मौके पर मुख्य अतिथि अजीत कुमार सिंह ने कहा कि विधिक सेवा सह सशक्तिकरण शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं एवं विधिक सेवाओं का लाभ पहुंचाना है. उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में गरीब एवं ग्रामीण क्षेत्र के लोग कई बार सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते हैं. ऐसे में झालसा एवं नालसा के निर्देश पर डालसा द्वारा जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं एवं निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी दी जा रही है. उन्होंने महिलाओं को सशक्त बनने तथा नशे के विरुद्ध अभियान चलाने का आह्वान करते हुए कहा कि बच्चों को नशे से दूर रखकर शिक्षा की ओर अग्रसर करें, ताकि वे भविष्य में अच्छे नागरिक बनकर परिवार एवं समाज का सहारा बन सकें.
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जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जिला प्रशासन व आम जनता के बीच सेतु का कार्य करता है
पालकोट प्रखंड में प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय ओम प्रकाश मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जिला प्रशासन एवं आम जनता के बीच सेतु का कार्य करता है. डालसा लोगों को कानून संबंधी सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में भी सहयोग करता है. किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर आमजन डालसा से संपर्क कर सकते हैं. चैनपुर, भरनो, कामडारा, रायडीह, सिसई एवं बसिया प्रखंडों में भी न्यायिक पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में भाग लिया. वहीं घाघरा एवं बिशुनपुर प्रखंड में डालसा के सचिव राम कुमार गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. उन्होंने कहा कि समाज का उत्थान तभी संभव है, जब लोग अपने अधिकारों, कानून एवं सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक हों. डालसा द्वारा प्रचार-प्रसार के माध्यम से सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक विधिक एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जा रही है तथा जरूरतमंद एवं पीड़ित व्यक्तियों को विधिक सहायता एवं मुआवजा उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है. स्थायी लोक अदालत के सदस्य शंभू सिंह ने कहा कि न्याय व्यवस्था अब लोगों के द्वार तक पहुंच रही है. उन्होंने आमजन से डालसा द्वारा उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क विधिक सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की. डुमरी एवं जारी प्रखंड में एलएडीसी के पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में भाग लिया. कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, एलएडीसी, पैनल अधिवक्ता, पीएलवी, प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी एवं कर्मचारी, डालसा के कर्मचारी प्रकाश पांडे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं लाभुक उपस्थित रहे. शिविर के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ, विधिक जानकारी और सहायता को एक ही मंच पर उपलब्ध कराकर डालसा ने ग्रामीण एवं जरूरतमंद लोगों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की.
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