Gumla: जिले के घाघरा थाना क्षेत्र के कुगांव गांव निवासी 9 वर्षीय शिवानी कुमारी की जहरीले सांप के डसने से मौत हो गई. घटना बुधवार देर रात की है.मृतका के परिजनों के मुताबिक बुधवार रात भोजन करने के बाद मां अपनी बेटी शिवानी के साथ सो गई थीं. देर रात करीब 12 से 1 बजे के बीच शिवानी ने अचानक पैर में तेज दर्द होने की शिकायत की. पहले तो परिजनों को किसी अनहोनी का अंदेशा नहीं हुआ और मां ने उसके पैर में तेल लगाकर मालिश की, लेकिन कुछ ही देर में बच्ची की हालत तेजी से बिगड़ने लगी.
निजी वाहन से उप-स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया
मृतका के परिजनों ने बताया कि बुधवार रात भोजन करने के बाद मां अपनी बेटी शिवानी के साथ सो गई थीं. देर रात करीब 12 से 1 बजे के बीच शिवानी ने अचानक पैर में तेज दर्द होने की शिकायत की. पहले तो परिजनों को किसी अनहोनी का अंदेशा नहीं हुआ और मां ने उसके पैर में तेल लगाकर मालिश की, लेकिन कुछ ही देर में बच्ची की हालत तेजी से बिगड़ने लगी.घबराए परिजनों ने रात में ही ग्रामीणों को जगाकर मदद मांगी. वहां से 108 एंबुलेंस सेवा से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो पाया. इसके बाद एक निजी वाहन के द्वारा ग्रामीणों की सहायता से बच्ची को घाघरा उप-स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल गुमला रेफर कर दिया.
डॉक्टर ने की सांप से डसने से मौत की पुष्टि
गुरुवार सुबह परिजन शिवानी को सदर अस्पताल गुमला लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सक डॉ. आशिम मिंज ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया.डॉक्टर ने बताया कि जहरीले सांप के डसने के कारण बच्ची की मौत हुई है.घटना की सूचना मिलने पर गुमला थाना के एसआई विनय कुमार महतो सदर अस्पताल पहुंचे. उन्होंने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव का पोस्टमार्टम कराया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया.
108 एंबुलेंस सेवा पर लापरवाही का आरोप
इस घटना के बाद मृतका के परिजनों ने 108 एंबुलेंस सेवा पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया. उन्होंने बताया कि घटना के तुरंत बाद ग्रामीण सोहन बड़ाईक और वार्ड सदस्य आरती देवी ने 108 एंबुलेंस सेवा पर 10 से 12 बार फोन किया, लेकिन किसी ने कॉल रिसीव नहीं किया. काफी देर इंतजार करने के बाद मजबूर होकर गांव से निजी वाहन की व्यवस्था कर बच्ची को घाघरा उप-स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. बाद में उसे गुमला रेफर किया गया, लेकिन इलाज में हुई देरी के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी.
परिजनों ने की कार्रवाई की मांग
परिजनों ने मामले की जांच कर इस घटना के जिम्मेवार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. वही सिविल सर्जन ने कहा है कि सभी प्रखंडों में उपलब्ध एंबुलेंस की स्थिति का स्पष्ट आकलन कर रिपोर्ट करके सिविल सर्जन कार्यालय को उपलब्ध करवाने का निर्देश दिया गया है ताकि आने वाले दिनों में किसी प्रकार से एंबुलेंस ना मिल पाने के कारण लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़े.
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