Gumla: शहर की विकास योजनाओं के लंबे समय से ठप रहने के विरोध में गुरुवार को नगर परिषद अध्यक्ष शकुंतला उरांव, उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी तथा विभिन्न वार्ड पार्षदों ने नगर परिषद कार्यालय में तालाबंदी कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान कार्यालय में मौजूद सभी कर्मचारी अंदर ही फंस गए, जिससे नगर परिषद का कामकाज प्रभावित रहा.

32 योजनाओं का काम रुका, लोगों की बढ़ी परेशानी
उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी ने बताया कि नगर परिषद की 32 विकास योजनाओं का टेंडर जारी होने के बाद कई स्थानों पर कार्य शुरू भी हो चुका था. हालांकि अचानक बिना किसी पूर्व सूचना या स्पष्ट कारण के सभी कार्यों को रोक दिया गया. इससे कई जगह निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है, सड़कों पर गड्ढे और निर्माण सामग्री बिखरी हुई है, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है. उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में काम बंद रहने से आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इसी के विरोध में सभी वार्ड पार्षदों ने एकजुट होकर नगर परिषद कार्यालय में ताला जड़ दिया.
कार्यपालक पदाधिकारी बोले- उच्च स्तरीय जांच के कारण रुका काम
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि अध्यक्ष ने उनसे विकास कार्य बंद होने का कारण पूछा था. इस पर उन्हें जानकारी दी गई कि उच्च स्तरीय जांच चलने के कारण कार्यों को रोका गया है, अध्यक्ष ने फिर सवाल उठाया कि यदि काम रोकने का कोई लिखित आदेश नहीं है तो योजनाएं क्यों बंद हैं. मनीष कुमार ने स्पष्ट किया कि अध्यक्ष और वार्ड पार्षदों की नाराजगी नगर परिषद कार्यालय या कर्मचारियों से नहीं है, बल्कि वरीय प्रशासन के विरोध में उन्होंने यह तालेबंदी की है. उनके अनुसार, वार्ड पार्षदों ने अपना आक्रोश जताने के लिए कार्यालय में ताला लगाया है.
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प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग
पार्षदों ने प्रशासन से लंबित विकास कार्यों को तत्काल शुरू कराने और नगर परिषद की योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करने की मांग की. उनका कहना था कि विकास कार्यों में हो रही देरी का खामियाजा सीधे शहर की जनता को भुगतना पड़ रहा है.

