“झारखंड के विकास में आधी आबादी बनेगी सारथी”: सीएम हेमंत सोरेन ने 62 सीडीपीओ और 237 महिला पर्यवेक्षिकाओं सौंपा नियुक्ति पत्र

Ranchi: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को राज्य के प्रशासनिक ढांचे में महिलाओं की भागीदारी को नया आयाम देते हुए नियुक्ति पत्र...

Ranchi: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को राज्य के प्रशासनिक ढांचे में महिलाओं की भागीदारी को नया आयाम देते हुए नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित किया. प्रोजेक्ट भवन के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 62 बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों और 237 महिला पर्यवेक्षिकाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे. इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य गठन के बाद पहली बार इतने बड़े पैमाने पर इन पदों पर नियुक्तियां की गई हैं.

नारी शक्ति पर भरोसा: सामाजिक न्याय और प्रशासनिक गति

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि महिलाओं के विषयों और उनकी समस्याओं का विशेष ध्यान रखने के लिए महिलाओं की ही नियुक्ति करना सरकार की प्राथमिकता रही है. उन्होंने गर्व के साथ बताया कि सीडीपीओ के पदों पर 50 प्रतिशत महिलाओं का चयन किया गया है.महिलाएं न केवल अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं, बल्कि वे अब सामाजिक दायित्वों और सरकार के कार्यों को भी एक बड़ी जिम्मेदारी के साथ निभा रही हैं. यह नियुक्तियां सरकार के काम को गति देने का माध्यम बनेंगी.

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नवनियुक्त पदाधिकारियों का उत्साहवर्धन

मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त पदाधिकारियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि लाखों अभ्यर्थियों के बीच से आपका चयन आपकी विशिष्टता को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के विज्ञापन के बाद आपने 3-4 वर्षों का लंबा इंतजार किया है. आपके कई सपने रहे होंगे, जिन्हें अब आप साकार कर सकेंगे. साथ ही, सरकार भी अपने ‘विकसित झारखंड’ के सपने को पूरा करने के लिए आपको सहयोगी के रूप में देख रही है.

कुपोषण और स्वास्थ्य: एक गंभीर संकल्प

सीएम सोरेन ने राज्य की ज्वलंत समस्याओं पर प्रहार करते हुए नवनियुक्त अधिकारियों को कुपोषण मुक्त झारखंड का संकल्प लेने को कहा. उन्होंने कहा कि कुपोषण एक ऐसी समस्या है, जिसका समय पर समाधान न हो तो यह जीवन भर का अभिशाप बन जाता है.इसके अतिरिक्त, उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य मुद्दों, विशेषकर ‘साइनस’ जैसी समस्याओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं संकोचवश छोटी-छोटी शारीरिक समस्याओं को साझा नहीं कर पातीं, जो बाद में जीवन-मरण का प्रश्न बन जाती हैं. आज भी गांवों में ओझा-गुणी और झाड़-फूंक जैसी कुरीतियां व्याप्त हैं. इसका मुख्य कारण सरकार की नीतियों, कानूनों और योजनाओं का अंतिम पायदान तक न पहुंच पाना है.

अंतिम व्यक्ति तक कनेक्टिविटी: नेटवर्क टूटा तो समझिए गड़बड़ है

प्रशासनिक पारदर्शिता और आधुनिकता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज शिक्षकों, आंगनबाड़ी सहायिकाओं और सेविकाओं को टैबलेट दिए गए हैं ताकि सरकार के साथ सीधा संवाद और कनेक्टिविटी बनी रहे। उन्होंने सख्त लहजे में कहा, जिस दिन आपसे सरकार का नेटवर्क टूटा, समझ लीजिए कि कहीं न कहीं कुछ गड़बड़ है.पदों के दुरुपयोग पर लगाम लगाने के लिए मुख्यमंत्री ने एक नई व्यवस्था की घोषणा की. उन्होंने बताया कि बाल विकास के क्षेत्र में काम करने वाले अधिकारियों की रैंकिंग की जाएगी. जो बेहतर कार्य करेंगे, उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा. सीडीपीओ और महिला पर्यवेक्षिकाओं के लिए विशेष प्रोग्राम बनाए जाएंगे ताकि सारा डेटा और कार्यप्रणाली अपडेट रहे.

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सामूहिक प्रयास से बनेगा बेहतर समाज

मुख्यमंत्री ने समाज में बढ़ती दूरियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज लोग संकुचित होते जा रहे हैं. पहले गांवों में किसी एक को समस्या होती थी तो पूरा गांव खड़ा हो जाता था। हमें फिर से उसी सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उन सुदूरवर्ती गांवों तक पहुंचें, जहां के लोगों ने आज तक शहर की शक्ल नहीं देखी है.मुख्यमंत्री ने अपील की कि आप सभी की भूमिका शहर से लेकर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक अत्यंत महत्वपूर्ण है. आपके अंदर जो ‘खास’ प्रतिभा है, उसका लाभ राज्य की जनता को मिलना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नियुक्तियों का यह सिलसिला थमेगा नहीं, अभी राज्य में और भी बड़े पैमाने पर नियुक्तियां होनी बाकी हैं.

इन्हें मिला सांकेतिक रूप से नियक्ति पत्र

सीडीपीओ के लिए अंकित कुमार, निधि सुमन, माहेश्वरी कुमारी, शालिनी कच्छप और सिफन आलम, महिला पर्यवेक्षिका के लिए सोनम कुमारी, काजल कच्छप, रजिया खातून, खुशी कुमारी, प्रतिमा कुमारी को सीएम ने सांकेतिक रूप से नियुक्ति पत्र प्रदान किया। मौके पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, चीफ सेक्रेट्री अविनाश कुमार, महिला बाल विकास सचिव उमाशंकर सिंह, बाल विकास विभाग की निदेशक किरण पासी सहित सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे.

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