Hazaribagh: विष्णुगढ़ प्रखंड मुख्यालय के हॉस्पिटल चौक से गोबिंदपुर पंचायत तक करीब 13 किलोमीटर लंबी विष्णुगढ़-गोबिंदपुर सड़क इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है. सड़क की हालत ऐसी हो गई है कि राहगीरों के सामने सवाल खड़ा हो गया है कि यह सड़क है या गड्ढों का जाल? लंबे समय से मरम्मत नहीं होने के कारण कई हिस्सों में सड़क पूरी तरह टूट चुकी है और जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं. बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाने से खतरा और बढ़ गया है. ग्रामीणों का कहना है कि महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग होने के बावजूद सड़क की बदहाली पर लंबे समय से अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया. रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही वाले इस मार्ग पर वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने हजारीबाग उपायुक्त से तत्काल हस्तक्षेप कर सड़क की मरम्मत, मजबूतीकरण और चौड़ीकरण कराने की मांग की है.

सात पंचायतों की लाइफलाइन बनी सड़क बदहाल
विष्णुगढ़-गोबिंदपुर मार्ग केवल गोबिंदपुर पंचायत तक पहुंचने का रास्ता नहीं है. गोबिंदपुर, उदयपुर, मुरगांव समेत आसपास के कई ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए यह प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचने का प्रमुख मार्ग है. ग्रामीणों के अनुसार करीब सात पंचायतों के लोग प्रतिदिन इस सड़क का इस्तेमाल करते हैं. शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार, बैंक, सरकारी कार्यालय और रोजगार से जुड़े कार्यों के लिए ग्रामीणों को इसी मार्ग से होकर गुजरना पड़ता है. इसके अलावा यह सड़क बोकारो जिले को भी विष्णुगढ़ क्षेत्र से जोड़ती है. ऐसे में सड़क की बदहाली का असर सीधे ग्रामीणों के दैनिक जीवन पर पड़ रहा है.
बारिश के कारण गड्ढों की स्थिति खतरनाक
सड़क पर बने गहरे गड्ढे पहले से ही परेशानी का कारण हैं, लेकिन बारिश के बाद स्थिति और खतरनाक हो जाती है. पानी भर जाने के कारण गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता. वाहन चालक अचानक गड्ढे में चले जाते हैं और वाहन के अनियंत्रित होने की आशंका बनी रहती है. गड्ढों से बचने के लिए वाहन चालकों को कई बार अचानक सड़क की दूसरी ओर जाना पड़ता है. इससे सामने से आने वाले वाहनों के साथ दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है. दोपहिया वाहन चालकों के लिए तो यह मार्ग विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण बना हुआ है.
बच्चों और मरीजों का सफर सबसे मुश्किल
जर्जर सड़क का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों, मरीजों, बुजुर्गों और दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ रहा है. बच्चों को रोजाना खराब सड़क से होकर स्कूल जाना पड़ता है. वहीं मरीजों को अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने के दौरान भी परिजनों को परेशानी झेलनी पड़ती है. ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी हो जाती है और सामान्य दूरी तय करने में भी अधिक समय लगता है. लगातार गड्ढों से होकर गुजरने के कारण वाहनों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहती है.
गड्ढे भरकर नहीं चलेगा काम, चाहिए स्थायी समाधान
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि अब महज गड्ढों की भराई या अस्थायी मरम्मत से काम नहीं चलेगा. सड़क की वर्तमान स्थिति को देखते हुए गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण और मजबूतीकरण जरूरी है. साथ ही बढ़ते यातायात को देखते हुए सड़क का चौड़ीकरण भी आवश्यक है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं हुई, तो बरसात के बाद स्थिति और खराब हो सकती है. ऐसे में प्रशासन को किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार किए बिना समय रहते कार्रवाई करनी चाहिए.
डीसी से तत्काल संज्ञान लेने की अपील
ग्रामीणों ने हजारीबाग उपायुक्त से सड़क की स्थिति का स्थल निरीक्षण कराने तथा संबंधित विभाग को शीघ्र मरम्मत का निर्देश देने की मांग की है. साथ ही सड़क के महत्व को देखते हुए चौड़ीकरण की दिशा में भी ठोस पहल करने की अपील की गई है. ग्रामीणों का कहना है कि विष्णुगढ़-गोबिंदपुर मार्ग हजारों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा है. इसकी बदहाली केवल आवागमन की परेशानी नहीं, बल्कि सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार से जुड़ा गंभीर सवाल है. अब लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है. ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी मांग पर जल्द संज्ञान लिया जाएगा और वर्षों से बदहाल सड़क के कायाकल्प की दिशा में ठोस पहल शुरू होगी.
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