Hazaribagh : हजारीबाग शहर इन दिनों बिजली विभाग की बदइंतजामी और ‘अघोषित बिजली कटौती’ की दोहरी मार झेल रहा है. बीती रात जब पूरा शहर अंधेरे के आगोश में समाकर हाहाकार मचा रहा था. तब सुबह होते ही बिजली विभाग ने एक और झटका दे दिया है. डीवीसी से अपेक्षाकृत कम विद्युत आपूर्ति मिलने के कारण आज पूरे दिन बिजली संकट और गहराने की संभावना है.

बीती रात का तांडव, आज फिर अंधेरे का साया
बीती रात हजारीबाग के कई प्रमुख मोहल्ले पूरी तरह से ब्लैकआउट का दंश झेलते रहे. लोग उमस भरी गर्मी में बेहाल रहे और सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते रहे. अब विभागीय जानकारी के अनुसार, डीवीसी से सभी सर्किटों को मिलाकर कुल लगभग 45 मेगावाट बिजली ही मिल पा रही है. यह स्थिति शुक्रवार शाम 5:00 बजे तक प्रभावी रहेगी, जिससे पूरे शहर में विद्युत आपूर्ति के बाधित होने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है.
प्रशासन का तर्क: “संतुलित आपूर्ति का प्रयास”
बिजली विभाग का कहना है कि वे उपलब्ध बिजली को सभी क्षेत्रों में संतुलित ढंग से बांटने का प्रयास कर रहे हैं ताकि उपभोक्ताओं को कम से कम परेशानी हो. विभाग ने उपभोक्ताओं से संयम और सहयोग की अपील करते हुए यह आश्वासन दिया है कि जैसे ही स्थिति सामान्य होगी, बिजली बहाल कर दी जाएगी.
जनता का सवाल: आखिर कब तक चलेगा यह ‘लुका-छिपी’ का खेल?
हजारीबाग की जनता अब केवल आश्वासनों से थक चुकी है. व्यापारियों का धंधा ठप्प है, छात्र पढ़ाई के लिए तरस रहे हैं और घरों में पानी की किल्लत बढ़ गई है. क्या प्रशासन के पास इस बिजली संकट का कोई ठोस समाधान है, या फिर यह ‘सीमित उपलब्धता’ का बहाना बनाकर आम नागरिक को अंधेरे में धकेला जा रहा है? फिलहाल, हजारीबाग के नागरिक एक और कठिन दिन के लिए तैयार हैं, जहां बिजली का आना-जाना किसी सस्पेंस से कम नहीं है. क्या आज शाम 5:00 बजे के बाद शहर को राहत मिलेगी, या यह संकट और लंबा खिंचेगा?
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