Click Here
Click Here
Click Here

हजारीबाग: DC आवास पर तैनात होमगार्ड जवान बेहोश, अस्पताल में भर्ती

Hazaribagh: आसमान से बरसती आग और थपेड़े मारती ‘हीट वेव’ के बीच हजारीबाग में ग्राउंड जीरो पर तैनात सुरक्षा बलों और सफाई...

hajaribagh dc office news

Hazaribagh: आसमान से बरसती आग और थपेड़े मारती ‘हीट वेव’ के बीच हजारीबाग में ग्राउंड जीरो पर तैनात सुरक्षा बलों और सफाई कर्मियों की जिंदगी दांव पर लगी है. बुधवार को इसका एक खौफनाक मंजर उस वक्त देखने को मिला, जब जिले के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले ‘उपायुक्त आवास’ की सुरक्षा में तैनात एक होमगार्ड जवान ड्यूटी के दौरान अचानक चक्कर खाकर जमीन पर गिर पड़ा. अत्यधिक गर्मी और उमस के कारण जवान अचेत हो गया था. आनन-फानन में उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है. यह घटना सीधे तौर पर प्रशासनिक संवेदनहीनता की पोल खोलती है. जब वीवीआईपी इलाके में साए के नीचे तैनात जवान सुरक्षित नहीं हैं, तो सड़कों पर कचरा उठाने वाले और चौराहों पर खड़े जवानों का क्या हाल होगा, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है.

एक मौत से भी नहीं लिया सबक, क्या एक और हादसे का है इंतजार?

यह कोई पहली घटना नहीं है. अभी कुछ ही दिन पहले नगर निगम के सफाई कर्मी स्वर्गीय दीपक कुमार की ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई थी. दीपक की मौत ने व्यवस्था पर कई बड़े सवाल खड़े किए थे, लेकिन हजारीबाग प्रशासन ने उससे कोई सबक नहीं लिया. आज भी नगर निगम के सफाई कर्मी सुबह 7:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक यानी भीषणतम धूप और लू के थपेड़ों के बीच लगातार सात घंटे मैदान में काम करने को मजबूर हैं. अधिकारियों के दफ्तरों में तो एसी चल रहे हैं, लेकिन जो इस भीषण गर्मी में जनता की सेवा और सुरक्षा में मुस्तैद हैं, उनके लिए पीने के पानी और ओआरएस तक की सुध लेने वाला कोई नहीं है. कर्मचारियों की जिंदगी की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए.

अधिवक्ता ने उठाई आवाज: बदला जाए ड्यूटी का समय

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए सिविल कोर्ट के अधिवक्ता और अखिल भारतीय मजदूर संगठन के नेता विवेक वाल्मीकि ने उपायुक्त को पत्र लिखकर फील्ड कर्मियों को तत्काल राहत देने की मांग की है. उन्होंने कहा कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो किसी और कर्मचारी के साथ भी कोई अनहोनी घट सकती है. संगठन ने पुरजोर मांग की है कि नगर निगम कर्मियों और होमगार्ड जवानों की ड्यूटी टाइमिंग को दोपहर की तपिश से बचाने के लिए पुनः निर्धारित किया जाए. इसके साथ ही सभी मैदानी कर्मियों के लिए कार्यस्थल पर पर्याप्त पेयजल, ओआरएस पैकेट, प्राथमिक उपचार किट और धूप से बचने के लिए जगह-जगह छायादार विश्राम स्थलों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. लू के थपेड़ों के बीच काम कर रहे इन जवानों और सफाई कर्मियों का नियमित स्वास्थ्य जांच कराना भी बेहद जरूरी हो गया है.

AlsoRead:लखनऊ हादसे के बाद हजारीबाग में भी उठे सुरक्षा के सवाल: कोचिंग संस्थानों की फायर सेफ्टी, निकासी व्यवस्था और क्षमता जांच की मांग तेज

add1
सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *