Hazaribagh: जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को पारदर्शी बनाने के लिए शुरू की गई स्मार्ट PDS प्रणाली का बड़ा असर देखने को मिला है. आधार आधारित डिजिटल सत्यापन और अलग-अलग सरकारी विभागों के रिकॉर्ड की जांच के बाद जिले में 56 हजार से अधिक अपात्र लाभुकों के नाम राशन कार्ड से हटा दिए गए हैं. जिला प्रशासन का कहना है कि आगे भी यह अभियान जारी रहेगा, ताकि सिर्फ पात्र परिवारों को ही राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ मिल सके.
डिजिटल जांच में सामने आए अपात्र लाभुक
जिला प्रशासन के अनुसार, स्मार्ट PDS के तहत राशन कार्डधारियों के डेटा का मिलान आयकर विभाग, परिवहन विभाग, जेएसएलपीएस और अन्य सरकारी विभागों के रिकॉर्ड से किया गया. इसके बाद संबंधित प्रखंडों में भौतिक सत्यापन भी कराया गया. जांच में जो लोग अपात्र पाए गए, उनके नाम राशन कार्ड से हटा दिए गए.
जिला आपूर्ति पदाधिकारी मुरली यादव ने बताया कि गलत तरीके से राशन कार्ड बनवाने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि जो लोग स्वेच्छा से अपना राशन कार्ड सरेंडर नहीं करेंगे, उनसे सरकारी अनाज की राशि की वसूली भी की जा सकती है.
किन लोगों के नाम हटाए गए
जिले में कुल 56 हजार से अधिक लाभुकों के नाम राशन कार्ड से हटाए गए हैं. इनमें 4,577 आयकरदाता, 12,688 ऐसे कार्डधारी जिन्होंने पिछले छह महीने से राशन नहीं लिया, 10,003 अन्य अपात्र कार्डधारी, 2,252 डुप्लीकेट राशन कार्डधारी, 804 चारपहिया वाहन मालिक और 8 ओएमएसएस (ग्रीन कार्ड) के लाभुक शामिल हैं. प्रशासन का कहना है कि इन श्रेणियों के लोगों का राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ लेना नियमों के खिलाफ है.
इन प्रखंडों में सबसे ज्यादा कार्रवाई
प्रखंडवार आंकड़ों के अनुसार, पीएच राशन कार्डधारियों के सबसे ज्यादा नाम कटकमसांडी (4,330), बरही (4,307), चौपारण (4,134) और हजारीबाग प्रखंड (4,003) में हटाए गए हैं. वहीं अंत्योदय श्रेणी में सबसे अधिक कार्रवाई बरही (1,864) और विष्णुगढ़ (1,223) में की गई है.
पात्र लोगों को मिलेगा योजना का लाभ
जिला प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ सिर्फ गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाना है. अपात्र लोगों के नाम हटने से सरकारी अनाज की बचत होगी और पात्र लाभुकों को समय पर और बेहतर तरीके से राशन मिल सकेगा. प्रशासन ने कहा कि स्मार्ट PDS के जरिए भविष्य में भी डेटा सत्यापन और निगरानी का अभियान लगातार जारी रहेगा.
