Hazaribagh: केरेडारी प्रखंड के फुशरी गांव में एक अनाथ भाई-बहन का परिवार लगातार संकटों से जूझ रहा है. हालिया बारिश में उनका मिट्टी का इकलौता घर ढह जाने के बाद वे बेघर हो गए हैं और फिलहाल ग्रामीणों के सहारे जीवनयापन कर रहे हैं. परिवार का कहना है कि उन्हें अब तक किसी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल सका है. पीड़ित सुनील तिर्की ने बताया कि वर्ष 2023 में सड़क दुर्घटना में उनकी मां की मौत हो गई थी. इसके कुछ समय बाद उनके पिता की भी आग में झुलसने से मृत्यु हो गई. माता-पिता के निधन के बाद आर्थिक संकट के कारण उन्हें पढ़ाई छोड़नी पड़ी.

दूसरों के घरों में काम कर रही बहन
सुनील ने बताया कि परिवार का एकमात्र मिट्टी का घर हाल की बारिश में ढह गया. उनका एक भाई मजदूरी के लिए बाहर गया है, जबकि वे और उनकी बहन गांव में किसी तरह गुजारा कर रहे हैं. उनका कहना है कि अब तक उन्हें किसी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिला है.सुनील की बहन सुमन तिर्की ने बताया कि माता-पिता की मौत के बाद वह गांव के घरों में बर्तन धोने और घरेलू काम करके परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं. उन्होंने बताया कि उनके और उनके छोटे भाई का आधार कार्ड तक नहीं बना है, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी परेशानी हो रही है.उन्होंने प्रशासन से रहने के लिए घर और रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की है.

प्रशासन से तत्काल सहायता की मांग
स्थानीय ग्रामीण बंधन तिर्की ने बताया कि जिस रात तेज बारिश में घर की दीवार गिरी, उस समय सुनील उसी कमरे में सो रहा था. संयोगवश वह मलबे की चपेट में आने से बच गया. फिलहाल दोनों भाई-बहन गांव के अन्य लोगों के घर में शरण लेकर रह रहे हैं.ग्रामीणों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर प्रशासन से तत्काल राहत उपलब्ध कराने की मांग की है. उन्होंने परिवार को खाद्य सामग्री, प्रधानमंत्री आवास योजना या अन्य आवासीय योजना के तहत घर तथा जीवनयापन के लिए रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की है.स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते सहायता नहीं मिली तो परिवार की स्थिति और गंभीर हो सकती है.
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