Ranchi: झारखंड में स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों तक बेहतर नेत्र स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में सरकार ने तैयारी तेज कर दी है. इसी कड़ी में आज राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत राज्य अंधापन नियंत्रण एवं दृष्टि विहीनता कार्यक्रम (NPCBVI) और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की गतिविधियों एवं आगामी कार्ययोजना को लेकर राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता राज्य अंधापन नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. पंकज कुमार ने की. बैठक में पूरे राज्य में चल रहे नेत्र स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की गई. खासतौर पर स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की नियमित आंखों की जांच, दृष्टिदोष से पीड़ित बच्चों को समय पर गुणवत्तापूर्ण चश्मा उपलब्ध कराने तथा आंखों की अन्य बीमारियों की जल्द पहचान कर इलाज सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा हुई. इसके साथ ही बुजुर्गों की नेत्र जांच और उन्हें आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया.
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क्रियान्वयन के लिए बनी रणनीति
बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. पंकज कुमार ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी जिलों में आंखों की जांच, मरीजों के रेफरल, उपचार और चश्मा वितरण का कार्य तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए. साथ ही सभी कार्यक्रमों की नियमित मॉनिटरिंग कर उनकी गुणवत्ता बनाए रखी जाए. आरबीएसके के कोषांग प्रभारी डॉ. विजय किशोर रजक ने कहा कि यदि स्कूलों में बच्चों की नियमित नेत्र जांच होगी तो दृष्टिदोष की पहचान शुरुआती चरण में ही हो जाएगी. इससे बच्चों की पढ़ाई, मानसिक विकास और भविष्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. बैठक में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत संचालित गतिविधियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई. अधिकारियों ने कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन, विभागों के बीच बेहतर समन्वय, फील्ड स्तर पर कार्यरत टीमों की सक्रियता बढ़ाने तथा लाभार्थियों तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए. आगामी कार्ययोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक रणनीतियों पर भी सहमति बनी.
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चश्मा वितरण अभियान में तेजी लाने पर जोर
इस अवसर पर राज्य बजट एवं वित्त पदाधिकारी अनिल कुमार सिन्हा, आरबीएसके के कंसल्टेंट मुकेश कुमार सहित विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे. सभी ने राज्य में नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं सुलभ बनाने के लिए अपने सुझाव साझा किए. बैठक के अंत में निर्णय लिया गया कि राज्य के सभी जिलों में स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के लिए नेत्र जांच एवं चश्मा वितरण अभियान को और व्यापक बनाया जाएगा. साथ ही राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम और राज्य अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम की नियमित समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक पात्र लाभार्थी को समय पर गुणवत्तापूर्ण नेत्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों. यदि चाहें, मैं इसे वेब पोर्टल/अखबार की स्टाइल में और अधिक आकर्षक शीर्षक व इंट्रो के साथ भी तैयार कर सकता हूं.


