Click Here
Click Here
Click Here

हजारीबाग: गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूलों में लौटी रौनक, नन्हे बच्चों की मासूम अदाओं ने जीता दिल

Hazaribagh: गर्मी की लंबी छुट्टियों के बाद सोमवार को शहर के कुछ स्कूल फिर से खुल गए. छुट्टियां बिताकर जब नन्हे-मुन्ने बच्चे...

Hazaribagh: गर्मी की लंबी छुट्टियों के बाद सोमवार को शहर के कुछ स्कूल फिर से खुल गए. छुट्टियां बिताकर जब नन्हे-मुन्ने बच्चे स्कूल पहुंचे तो परिसर में भावनाओं और उत्साह का अनोखा संगम देखने को मिला. कहीं बच्चे अपनी मम्मी का हाथ छोड़ने को तैयार नहीं थे, तो कहीं दोस्त एक-दूसरे से मिलकर खिलखिला रहे थे. कोई रो रहा था, कोई नए बैग और पानी की बोतल दिखाने में व्यस्त था, तो कोई चुपचाप खड़े होकर पूरे माहौल को निहार रहा था. यह भावुक और मनमोहक दृश्य शहर के किड्स जोन स्कूल में देखने को मिला, जहां स्कूल के पहले दिन बच्चों की अलग-अलग प्रतिक्रियाओं ने शिक्षकों और अभिभावकों के चेहरे पर मुस्कान ला दी.

हर चेहरे पर अलग कहानी

स्कूल के प्रवेश द्वार से लेकर कक्षाओं तक बच्चों की चहल-पहल देखने लायक थी. कई छोटे बच्चे अपनी मां से अलग होने के नाम पर ही रोने लगे. कुछ बच्चों को शिक्षिकाएं प्यार से गोद में लेकर और दुलार कर शांत कराती नजर आईं. वहीं कई बच्चे छुट्टियों के बाद अपने दोस्तों से मिलकर इतने खुश थे कि उनकी हंसी पूरे परिसर में गूंज रही थी. नन्हे चेहरों पर अलग-अलग भाव थे, लेकिन हर भाव में बचपन की मासूमियत झलक रही थी. किसी के चेहरे पर उत्सुकता थी, किसी पर संकोच, तो किसी की आंखों में छुट्टियों की यादें अभी भी ताजा थीं.

WhatsApp Image 2026-06-13 at 2.57.59 PM (1)

शिक्षिकाओं ने प्यार से किया स्वागत

स्कूल की शिक्षिकाओं ने बच्चों का गर्मजोशी से स्वागत किया. रो रहे बच्चों को प्यार से समझाया गया और उन्हें उनके दोस्तों के बीच ले जाकर सहज बनाने का प्रयास किया गया. कुछ ही देर में अधिकांश बच्चे अपने नए-पुराने साथियों के साथ घुल-मिल गए और कक्षाओं में पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद का माहौल भी बन गया.

फिर गुलजार हुआ स्कूल परिसर

करीब डेढ़ महीने तक शांत रहने वाला स्कूल परिसर बच्चों की किलकारियों से फिर गुलजार हो उठा. रंग-बिरंगी यूनिफॉर्म, नए बैग, पानी की बोतलें और बच्चों की चंचल गतिविधियों ने पूरे वातावरण को जीवंत बना दिया. स्कूल प्रबंधन का कहना है कि पहले दिन बच्चों के लिए विशेष गतिविधियां आयोजित की गईं ताकि वे छुट्टियों के बाद आसानी से स्कूल के माहौल में ढल सकें.

बचपन की मासूमियत का खूबसूरत नजारा

स्कूल खुलने का पहला दिन केवल पढ़ाई की शुरुआत नहीं था, बल्कि यह बचपन की उन भावनाओं का भी खूबसूरत चित्र था, जहां मम्मी से बिछड़ने का दर्द, दोस्तों से मिलने की खुशी और नई उम्मीदों के साथ एक नई शुरुआत एक साथ दिखाई दी. किड्स जोन स्कूल का यह दृश्य हर किसी को अपने बचपन के दिनों की याद दिला गया.

AlsoRead:राज्यसभा चुनाव: सीएम आवास में ‘मॉक पोल’ से सजेगी इंडिया गठबंधन की बिसात, भाजपा बोली- ये कैसी बेचैनी

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *