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Ranchi: झारखंड में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी चरम पर है. वोटों के गणित को पुख्ता करने और किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए इंडिया गठबंधन ने मॉक पोल (Mock Poll) का सहारा लिया है. सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की बैठक में इसी रणनीति पर अंतिम मुहर लगी, जिस पर भाजपा ने तंज कसा है.
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16 और 17 जून को विधायकों का मॉक ड्रिल
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू, पर्यवेक्षक अजय शर्मा, सांसद नासिर हुसैन, प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और उम्मीदवार प्रणव झा सहित अन्य नेताओं ने सीएम सोरेन से मिलकर चुनावी रणनीति साझा की. गठबंधन का दावा है कि उनके पास 56 विधायकों का मजबूत आंकड़ा है और राजद-वाम दल भी उनके साथ हैं.
गठबंधन कोई रिस्क नहीं लेना चाहता
16 और 17 जून को मुख्यमंत्री आवास में इंडिया गठबंधन के सभी विधायकों की एक संयुक्त बैठक बुलाई गई है. इस दौरान सभी विधायक ‘मॉक पोल’ में हिस्सा लेंगे, ताकि 18 जून को होने वाले वास्तविक मतदान में एक भी वोट खारिज न हो.
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भाजपा का तंज: आंकड़े पूरे हैं तो फिर डर क्यों
भाजपा नेता अमर बाउरी ने कांग्रेस के दावों और ‘मॉक पोल’ की तैयारियों पर करारा पलटवार किया. उन्होंने कहा कि भाजपा समर्थित प्रत्याशी पूर्ण बहुमत के साथ राज्यसभा जा रहे हैं. कहा कि अगर कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के पास आंकड़े पूरी तरह साफ हैं, तो फिर उनके खेमे में यह डर, बेचैनी और बार-बार की कसरत क्यों दिख रही है. अब दोनों पक्षों की नजरें 18 जून को होने वाले मतदान पर टिकी हैं, जहां दावों और जमीनी हकीकत का असली फैसला होगा.



