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हजारीबाग:सोशल मीडिया बना ‘सियासी अखाड़ा’, मेयर और सुदेश चंद्रवंशी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी

Hazaribagh: हजारीबाग नगर निगम की राजनीति इन दिनों सड़कों से ज्यादा फेसबुक के वॉल पर गरमाई हुई है. महापौर अरविंद राणा और...

Hazaribagh: हजारीबाग नगर निगम की राजनीति इन दिनों सड़कों से ज्यादा फेसबुक के वॉल पर गरमाई हुई है. महापौर अरविंद राणा और पूर्व महापौर प्रत्याशी सुदेश चंद्रवंशी के बीच छिड़ा विवाद अब कानूनी लड़ाई का रूप ले चुका है.स्लॉटर हाउस और सांप्रदायिक टिप्पणियों को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने हैं.

विवाद की शुरुआत: मेयर ने दर्ज कराया एफआईआर आवेदन

मामले की शुरुआत तब हुई जब मेयर अरविंद राणा के विरुद्ध सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई. इस पोस्ट में दावा किया गया कि वार्ड संख्या 16 में बंद पड़े स्लॉटर हाउस (वधशाला) को पुनः चालू कराने के लिए 5 करोड़ का फंड पास कराया गया है.मेयर अरविंद राणा ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत बताते हुए इसे अपनी छवि धूमिल करने की साजिश करार दिया. उन्होंने सुदेश चंद्रवंशी और हितेश रंजन के खिलाफ साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज करने हेतु आवेदन दिया है. मेयर का कहना है कि ऐसी भ्रामक पोस्ट समाज में वैमनस्य फैला सकती हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर की शांति और सौहार्द से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.

सुदेश चंद्रवंशी का पलटवार: “सांप्रदायिक वैमनस्य कौन फैला रहा है?”

मेयर द्वारा थाने में आवेदन दिए जाने के बाद सुदेश चंद्रवंशी ने भी अपने फेसबुक वॉल पर मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने मेयर के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन पर लगाए गए आरोप गलत हैं.  सुदेश चंद्रवंशी का दावा है कि पिछले चुनाव के दौरान उनके एक इंटरव्यू को गलत तरीके से पेश कर मेयर और उनके समर्थकों ने ही सांप्रदायिक तनाव फैलाने का प्रयास किया था.सुदेश चंद्रवंशी ने हाल ही में मेयर की फेसबुक आईडी से किए गए एक पोस्ट का हवाला दिया, जिसमें मेयर ने ‘चिश्तिया मोहल्ला स्थित बंद पड़े स्लॉटर हाउस के निरीक्षण’ की बात लिखी थी. सुदेश का कहना है कि जब उनके समर्थकों ने इसी पोस्ट को आधार बनाकर सवाल पूछे, तो मेयर ने मामले को मोड़ने के लिए थाने में शिकायत कर दी.

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अब प्रशासन के पाले में गेंद

सुदेश चंद्रवंशी ने भी मेयर द्वारा विगत चुनाव में साझा किए गए वीडियो और फेसबुक स्क्रीनशॉट को आधार बनाकर जवाबी आवेदन देने की बात कही है. उन्होंने जनता से अपील की है कि वे वीडियो साक्ष्यों को देखें और स्वयं निर्णय लें कि कौन सच्चाई के साथ है.  वर्तमान में, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से जांच की मांग की है. अब हजारीबाग पुलिस और साइबर सेल के सामने चुनौती है कि वे इन डिजिटल साक्ष्यों की जांच करें और यह तय करें कि आखिर इस विवाद की जड़ में कौन है.

 

 

 

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