Hazaribagh: सीमा सुरक्षा बल मुख्यालय की विशेष पहल पर आगामी 23 जून को कल्याण एवं पुनर्वास बोर्ड की त्रैमासिक बैठक का आयोजन होने जा रहा है. यह महत्वपूर्ण बैठक हजारीबाग के मेरू स्थित प्रतिष्ठित प्रशिक्षण केन्द्र एवं विद्यालय परिसर के “परिवार कल्याण केन्द्र” में प्रातः 11:00 बजे से शुरू होगी. इस उच्चस्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य हजारीबाग और इसके निकटवर्ती चार जिलों में रहने वाले सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज के सेवानिवृत्त कार्मियों, मेडिकल बोर्ड आउट कर्मियों, वीरगति प्राप्त वीर जवानों के आश्रितों और उनके परिजनों की पेंशन तथा रिटायरमेंट लाभों में आ रही तमाम तकनीकी और प्रशासनिक विसंगतियों को दूर करना है.

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चार जिलों के पूर्व सैनिकों को किया गया आमंत्रित, पिछली शिकायतों की भी होगी समीक्षा
इस कल्याणकारी बैठक को लेकर झारखंड राज्य के हजारीबाग, चतरा, रामगढ़ और कोडरमा जिलों में निवास करने वाले सभी सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स के सेवानिवृत्त जवानों और उनके आश्रितों से विशेष रूप से उपस्थित होने का अनुरोध किया गया है. इसके साथ ही, मेरू बीएसएफ प्रशासन ने उन पूर्व कार्मिकों से भी बैठक में शामिल होने का विशेष आग्रह किया है जिनकी समस्याओं पर पिछली बैठक के दौरान विस्तृत सुनवाई हुई थी. ऐसे सभी लोग इस बैठक में उपस्थित होकर अपनी पुरानी शिकायतों पर अब तक हुई विभागीय कार्रवाई और प्रगति की बिंदुवार जानकारी प्राप्त कर सकेंगे.

एक ही छत के नीचे मौजूद रहेंगे अधिकारी, कैंटीन की भी मिलेगी सुविधा
पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए इस त्रैमासिक बैठक को बेहद सुगम बनाया गया है. बैठक के दौरान सीमा सुरक्षा बल, मेरू के वरीय प्रशासनिक अधिकारी, मुख्य लेखा अधिकारी, अनुसचिवीय स्टाफ और पेंशन से जुड़े अन्य संबंधित विभागों के प्रभारी स्वयं मौके पर मौजूद रहेंगे, ताकि कागजी कमियों को तुरंत दूर कर समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा सके. इसके अलावा, बैठक में आने वाले सेवानिवृत्त जवानों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए संस्थान में स्थित केन्द्रीय पुलिस कैंटीन को सुबह 09:00 बजे से ही खोल दिया जाएगा, जिससे वे अपनी घरेलू आवश्यकताओं के अनुसार सहुलियत से सामानों की खरीदारी भी कर सकें.
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वर्ष 2007 में गृह मंत्रालय ने किया था ‘वारब’ का गठन
गौरतलब है कि देश की सेवा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले सेवानिवृत्त कार्मियों और वीरगति प्राप्त वीर जवानों के परिवारों के सम्मानजनक जीवन और उनके कल्याण के लिए वर्ष 2007 में भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा ‘कल्याण एवं पुनर्वास बोर्ड’ का गठन किया गया था. यह बोर्ड देश के समस्त केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के पेंशनभोगियों और उनके आश्रितों के हक और अधिकारों की रक्षा के लिए एक मजबूत सेतु के रूप में कार्य करता है. मेरू में होने वाली इस त्रैमासिक बैठक को सफल बनाने के लिए बीएसएफ की टीम तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी है.

