Hazaribagh: हजारीबाग में अध्यात्म और आत्मिक शांति का एक अद्भुत नजारा देखने को मिला. रामाश्रम सत्संग मथुरा, उपकेंद्र हजारीबाग के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय विशेष आध्यात्मिक सत्संग समारोह पूरे श्रद्धा, अटूट भक्ति और दिव्य उल्लास के वातावरण में संपन्न हो गया. इस तीन दिवसीय महासंगम में हजारीबाग सहित आस-पास के इलाकों से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय ऊर्जा से गूंज उठा. समापन सत्र तक आयोजन में गजब का अनुशासन और आध्यात्मिक चेतना का माहौल बना रहा. इस दौरान पहुंचे विभिन्न आचार्यों ने सत्संग, गुरु सेवा और भंडारे के गहरे आध्यात्मिक रहस्यों को उजागर करते हुए मानव जीवन को सफल बनाने के कई अनमोल संदेश दिए.

गुरु का सान्निध्य ही लाता है असली बदलाव
समारोह के मुख्य सत्र को संबोधित करते हुए पूज्य शिवनाथ शर्मा एवं प्रदीप कुमार शर्मा ने संयुक्त रूप से कहा, कि आज की भागदौड़ और तनावभरी जिंदगी में आध्यात्मिक सत्संग ही मनुष्य के जीवन को एक सही और नई दिशा प्रदान कर सकता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि सच्चे गुरु का सान्निध्य व्यक्ति के भीतर छिपे अंधकार को मिटाकर सकारात्मक परिवर्तन लाता है. इसके साथ ही उन्होंने भंडारे के महत्व को समझाते हुए कहा कि भंडारा केवल भोजन वितरण का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज में सेवा, संपूर्ण समर्पण और परोपकार की भावना को जगाने का एक महाप्रतीक है.
भगवान बुद्ध के प्रेरक प्रसंग से पूज्य मुकुल भैया ने जगाई चेतना
कार्यक्रम में विशेष आशीर्वचन देते हुए पूज्य मुकुल भैया ने अपने चिर-परिचित अंदाज में भगवान गौतम बुद्ध के जीवन से जुड़ा एक बेहद भावुक और प्रेरक प्रसंग सुनाया. इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने सत्संग की असीम महिमा पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि सत्संग एक ऐसा दर्पण है, जो मनुष्य के अंतर्मन के सारे मैल को साफ कर उसे पूरी तरह निर्मल बना देता है. यही सत्संग इंसान को भटकाव से दूर रखकर सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर आगे बढ़ाता है. उन्होंने गुरु सेवा को आत्मिक उन्नति का संसार में सर्वोत्तम साधन बताते हुए सभी श्रद्धालुओं से गुरु के दिखाए मार्ग पर चलने का आह्वान किया.
श्रद्धा और समर्पण से ही संभव है सर्वांगीण विकास: पूज्य देवेंद्र कुमार चौधरी
इस पावन अवसर पर पूज्य देवेंद्र कुमार चौधरी ने साधकों का मार्गदर्शन करते हुए कहा, कि जो भी साधक पूरी श्रद्धा, अटूट विश्वास और सच्चे समर्पण भाव से सत्संग में बैठता है, उसकी आध्यात्मिक प्रगति तो होती ही है, साथ ही वह जीवन के हर मोर्चे पर उन्नति प्राप्त करता है. उन्होंने कहा कि गुरु सेवा और सत्संग के बिना जीवन अधूरा है और इसी के माध्यम से व्यक्ति का सर्वांगीण विकास संभव है, जिससे उसका पूरा जीवन सुख, असीम शांति और संतोष से भर जाता है.
सत्संगी भाई-बहनों ने गुरु सेवा के मार्ग पर निरंतर चलने का लिया संकल्प
समारोह के समापन सत्र में बड़ी संख्या में मौजूद सत्संगी भाई-बहनों ने वक्ताओं के इन प्रेरणादायी विचारों को अपने जीवन में उतारने और गुरु सेवा के मार्ग पर निरंतर चलने का संकल्प लिया. अंत में पूज्य देवेंद्र कुमार चौधरी ने इस भव्य और पावन आयोजन को सफल बनाने में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अपना सहयोग देने वाले सभी सेवादारों, श्रद्धालुओं और प्रबुद्ध नागरिकों के प्रति आभार एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया.
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