Hazaribagh : भीषण गर्मी शुरू होते ही हजारीबाग शहर की लाइफ लाइन माने जाने वाले छड़वा डैम का जलस्तर तेजी से घटने लगा है. हालात यह हैं कि डैम का जलस्तर घटकर महज 16 फीट पर पहुंच गया है, जिससे शहर और आसपास के इलाकों में पेयजल संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है. नगर निगम और पेयजल विभाग की चिंता भी अब बढ़ने लगी है, क्योंकि आने वाले दिनों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है.

एक वक्त की हो सकती है जलापूर्ति
जानकारी के अनुसार, छड़वा डैम की अधिकतम जल भंडारण क्षमता लगभग 30 फीट मानी जाती है. गर्मी के दिनों में जब जलस्तर 15-16 फीट तक पहुंच जाता है तो स्थिति गंभीर होने लगती है. ऐसे में शहर में सिर्फ एक वक्त पानी की आपूर्ति किए जाने की संभावना जताई जा रही है. फिलहाल फिल्टर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में सफाई और तकनीकी रखरखाव कार्यों के कारण भी आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित बताई जा रही है.
हर दिन घट रहा पानी का स्तर
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार डैम का पानी प्रतिदिन आधा से एक इंच तक नीचे जा रहा है. मई महीने में भीषण गर्मी और बारिश नहीं होने के कारण जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. इससे पानी लिफ्ट करने में अधिक समय लग रहा है और टंकियों को भरने में भी दिक्कत आ रही है. सिटी मैनेजर अरुण बावरी ने बताया कि यदि जलस्तर इसी तरह घटता रहा तो आने वाले दिनों में जल संकट और गहरा सकता है.
केवल दो फीट पानी ही उपयोग योग्य
सूत्रों के मुताबिक डैम में कुल 16 फीट पानी मौजूद है, लेकिन इसमें से केवल लगभग दो फीट पानी ही शहरी जलापूर्ति के लिए उपयोग योग्य माना जा रहा है. यदि जलस्तर 10 फीट तक पहुंचता है तो शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है. इससे लगभग 10 हजार से अधिक घर सीधे प्रभावित हो सकते हैं.
भूजल स्तर पर भी बढ़ा दबाव
डैम में पानी घटने के साथ-साथ भूजल स्तर पर भी असर दिखाई देने लगा है. शहर और ग्रामीण इलाकों में 400 से 800 फीट तक बोरिंग कराने के बाद भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी और अत्यधिक जल दोहन के कारण भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है.
पुराने फाटक और तकनीकी खामियां भी बनीं वजह
बताया जा रहा है कि अगस्त 2025 में हुई भारी बारिश के दौरान डैम का एक फाटक क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे काफी मात्रा में पानी बह गया था. विभागीय स्तर पर इसे मौजूदा जल संकट का एक बड़ा कारण माना जा रहा है. डैम के कई फाटक अभी भी जर्जर स्थिति में हैं और उनकी मरम्मत की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है.
इन इलाकों में होती है जलापूर्ति
छड़वा डैम से नगर निगम क्षेत्र के कई प्रमुख इलाकों में पेयजल आपूर्ति की जाती है. इनमें छड़वा तालाब क्षेत्र, बिहारी गर्ल्स स्कूल, पोखरिया, बस स्टैंड, सदर प्रखंड समेत कई मोहल्ले शामिल हैं. यदि जलस्तर और नीचे गया तो सबसे पहले इन क्षेत्रों में जल संकट का असर देखने को मिल सकता है.
वैकल्पिक व्यवस्था की तलाश में निगम
नगर आयुक्त ओमप्रकाश गुप्ता ने कहा कि यदि स्थिति और गंभीर होती है तो शहरवासियों को टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जाएगा. साथ ही अगले एक सप्ताह के भीतर वैकल्पिक जलस्रोतों की तलाश और आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है.
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