Hazaribagh : हजारीबाग नगर निगम ने अब बकाया किराया नहीं चुकाने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है. नगर निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि वर्षों से किराया लंबित रखने वाले दुकानदारों को अब किसी भी प्रकार की राहत नहीं मिलेगी. बकाया राशि जमा नहीं करने वालों की दुकानों को सील करने की तैयारी शुरू कर दी गई है. बुधवार को सहायक नगर आयुक्त की अध्यक्षता में राजस्व संग्रह को लेकर आयोजित समीक्षात्मक बैठक में निगम क्षेत्र की म्युनिसिपल दुकानों की स्थिति की समीक्षा की गई. बैठक में राजस्व वसूली को लेकर अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए.

नगर निगम की दुकानों पर करोड़ों का बकाया
बैठक में जानकारी दी गई कि हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र में कुल 21 स्थानों पर लगभग 1000 से अधिक म्युनिसिपल दुकानें संचालित हैं. इन दुकानों से वित्तीय वर्ष 2025-26 तक लगभग 3 करोड़ 50 लाख रुपये की राशि बकाया है.
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार 400 से अधिक ऐसे दुकानदार हैं, जिन्होंने दो वर्षों से अधिक समय से किराया जमा नहीं किया है. इनमें कई दुकानदारों पर 50 हजार रुपये से अधिक की बकाया राशि है.
एक सप्ताह की मोहलत, फिर होगी सीधी कार्रवाई
सहायक नगर आयुक्त ने बकायेदार दुकानदारों को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि सभी दुकानदार एक सप्ताह के भीतर नगर निगम कार्यालय पहुंचकर अपनी बकाया राशि जमा कर दें. यदि तय समय के भीतर भुगतान नहीं किया गया तो नगर पालिका अधिनियम 2013 के तहत कानूनी कार्रवाई करते हुए दुकानों को सील कर दिया जाएगा. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लंबे समय से किराया नहीं देने वाले दुकानदारों की दुकानों का आवंटन रद्द कर नए सिरे से आवंटन प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
मटवारी बाजार पर निगम की विशेष नजर
बैठक में मटवारी स्थित म्युनिसिपल शॉप कॉम्प्लेक्स की स्थिति पर भी विशेष चर्चा हुई. अधिकारियों ने बताया कि यहां लगभग 158 दुकानें हैं, जिन पर वित्तीय वर्ष 2025-26 तक करीब 51 लाख रुपये से अधिक की बकाया राशि है. सहायक नगर आयुक्त ने विशेष राजस्व वसूली अभियान चलाने का निर्देश दिया है. इसके तहत बकायेदार दुकानदारों से सख्ती के साथ वसूली की जाएगी.
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“अब नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं”
नगर निगम प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है कि अब नियमों की अनदेखी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. समय पर बकाया राशि जमा नहीं करने वालों पर सीधे कार्रवाई होगी। निगम का कहना है कि लगातार बकाया रहने से राजस्व प्रभावित हो रहा है, जिससे विकास कार्यों पर असर पड़ता है.
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षात्मक बैठक में नगर प्रबंधक सह नोडल पदाधिकारी (बाजार शाखा) उपेंद्र कुमार, राजस्व निरीक्षक शैलेंद्र कुमार सिंह, तहसीलदार सूरज कुमार, अनिल यादव, राजीव कुशवाहा, उदय नारायण सिंह, प्रदीप गोस्वामी तथा उदय राम सहित कई अधिकारी उपस्थित.
