पूर्व लोकायुक्त एवं न्यायाधीश अमरेश्वर सहाय के खिलाफ दायर याचिका HC से खारिज

Ranchi: झारखंड हाईकोट ने सत्यदेव राय द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया है. यह मामला पूर्व लोकायुक्त न्यायमूर्ति अमरेश्वर सहाय और...

Ranchi: झारखंड हाईकोट ने सत्यदेव राय द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया है. यह मामला पूर्व लोकायुक्त न्यायमूर्ति अमरेश्वर सहाय और उनके भाई ज्योति कुमार से जुड़ा था, जिन पर रांची विश्वविद्यालय में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे. अपने रिट पिटीशन में याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि लोकायुक्त ने वर्ष 2012 में उनकी शिकायत को गलत तरीके से खारिज कर दिया था. शिकायत में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और अकाउंटेंट जनरल से मामले की जांच कराने की मांग की गई थी. साथ ही यह भी कहा गया कि लोकायुक्त ने अपने ही भाई से जुड़े मामले की सुनवाई कर पक्षपात किया.

अदालत ने स्पष्ट किया कि लोकायुक्त केवल राज्य सरकार की एजेंसियों से जांच करा सकते हैं

मामले में हाई कोर्ट ने कहा कि झारखंड लोकायुक्त अधिनियम के तहत लोकायुक्त को CBI जैसी केंद्रीय एजेंसियों को जांच का आदेश देने का अधिकार नहीं है. अदालत ने स्पष्ट किया कि लोकायुक्त केवल राज्य सरकार की एजेंसियों से जांच करा सकते हैं और जब पुलिस जांच पहले से चल रही हो, तब समानांतर जांच नहीं कराई जा सकती. पक्षपात के आरोप पर अदालत ने कहा कि लोकायुक्त का पद एकल सदस्यीय संस्था है, इसलिए “डॉक्ट्रिन ऑफ नेसेसिटी” लागू होता है, यानी, कोई दूसरा अधिकारी उपलब्ध नहीं होने के कारण लोकायुक्त को स्वयं ही फैसला देना पड़ा. अदालत ने यह भी कहा कि आदेश में उनके भाई को कोई विशेष लाभ नहीं दिया गया और फैसला कानून के अनुसार लिया गया. मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश संजय कुमार द्विवेदी ने अपने फैसले में कहा कि लोकायुक्त के आदेश में कोई अवैधता नहीं है और पक्षपात साबित नहीं हुआ. इसी आधार पर सत्यदेव राय की रिट याचिका खारिज कर दी जाती है.

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