रांची: झारखंड हाई कोर्ट ने वर्ष 2025 में चाईबासा सदर अस्पताल में पांच नाबालिग थैलेसीमिया मरीजों को संक्रमित खून चढ़ाने के बाद HIV होने से जुड़े मामले की गंभीरता को देखते हुए अब तक की जांच की अद्यतन रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है.
दोषियों पर कार्रवाई और अगली सुनवाई की तारीख
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि इस गंभीर लापरवाही में जो भी व्यक्ति संलिप्त पाए जाते हैं उन्हें सजा मिलनी चाहिए. बच्चों के परिजनों ओर से दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के न्यायाधीश रंगोन मुखोपाध्याय की बेंच ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 21 अप्रेल की तारीख मुकर्रर की है. अगली सुनवाई तक राज्य सरकार को शपथ पत्र के जरिए अब तक हुई जाँच की विस्तृत जांच रिपोर्ट पेश करनी है. इस मामले में प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता शादाब अंसारी ने बहस की वहीं राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता अनिल सिंह ने पक्ष रखा.
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