Ranchi: जोन्हा फॉल से जुड़े स्वतः संज्ञान मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने गुरुवार को अहम सुनवाई करते हुए मसरीजारा से हेसलाबेड़ा तक जाने वाली सड़क के निर्माण में तेजी लाने का निर्देश दिया है. मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक और न्यायाधीश राजेश शंकर की खंडपीठ ने रेलवे से एनओसी (NOC) मिलने के बाद राज्य सरकार को 1.8 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण (स्ट्रेंथनिंग) का कार्य छह महीने के भीतर पूरा करने का आदेश दिया है.
अदालत ने स्पष्ट कहा…
सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट कहा कि सड़क की चौड़ाई 5 मीटर नहीं, बल्कि 8 मीटर होनी चाहिए, ताकि दो बड़े वाहनों का सुरक्षित आवागमन हो सके. कोर्ट ने इस कार्य में राज्य सरकार और रेलवे के बीच बेहतर समन्वय की सराहना भी की.

गौरतलब है कि पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने जोन्हा फॉल जाने वाली सड़क की बदहाल स्थिति पर कड़ी नाराजगी जताई थी. मसरीजारा से हेसलाबेड़ा तक की सड़क बेहद संकरी और कच्ची होने के कारण पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था.
राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता विभोर मयंक ने पक्ष रखा
अप्रैल में राज्य सरकार ने सड़क निर्माण कार्य जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन रेलवे की एनओसी (NOC) सबसे बड़ी बाधा बनी हुई थी. अब एनओसी मिलने के बाद कोर्ट ने छह महीने के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने का स्पष्ट निर्देश दिया है.
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता विभोर मयंक ने पक्ष रखा, जबकि रेलवे की ओर से एएसजीआई प्रशांत पल्लव ने अदालत में अपना पक्ष प्रस्तुत किया. हाईकोर्ट के इस आदेश से जोन्हा फॉल पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलने और पर्यटकों के लिए आवागमन पहले से अधिक सुगम होने की उम्मीद है.


