Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने एक आरोपी की अग्रिम बेल पर सुनवाई करते हुए कहा है कि अगर परिस्थितियां और रिकॉर्ड गिरफ्तारी रोकने के पक्ष में हो तो आरोपी को अग्रिम जमानत दी जा सकती है. अदालत ने डुप्लीकेट मोटर ऑयल रखने के आरोप से जुड़े मामले में यह टिप्पणी करते हुए आरोपी को राहत प्रदान की.

दरअसल झारखंड हाईकोर्ट के न्यायधीश जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की कोर्ट में गढ़वा जिले के ऑटोमोबाइल दुकान संचालक रविंद्र कुमार कश्यप की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. आरोपी के खिलाफ कॉपीराइट अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था.
क्या कहना है याचिकाकर्ता का
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि वह एक ऑटोमोबाइल दुकान चलाते हैं और संबंधित मोटर ऑयल उन्होंने सामान्य व्यापारिक प्रक्रिया के तहत एक डीलर से खरीदा था. उन्होंने कहा कि किसी को धोखा देने का उनका कोई इरादा नहीं था और उनका कोई आपराधिक इतिहास भी नहीं है. वहीं राज्य सरकार ने अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी की दुकान से कथित तौर पर नकली कैस्ट्रॉल मोटर ऑयल बरामद हुआ है जिससे आरोपों की पुष्टि होती है और जमानत नहीं दी जानी चाहिए.
आरोपी से हिरासत में पूछताछ की जरूरत नहीं: कोर्ट
हालांकि अदालत ने माना कि मामले में आरोपी से हिरासत में पूछताछ की जरूरत नहीं है. इसी आधार पर कोर्ट ने उसे अग्रिम जमानत देने का आदेश दिया है. कोर्ट ने नकली केस्टरोल मोबिल बेचने के आरोपी रविंद्र को 25 हजार रुपये के दो निजी मुचलके भरने की शर्त पर अग्रिम जमानत की सुविधा प्रदान की है. आरोपी की ओर से अधिवक्ता सोनाली भटाचार्य ने बहस की.
