Click Here
Click Here
Click Here

धनबाद में हाइवा का कहर: स्कूटी सवार बुजुर्ग की दर्दनाक मौत, महिला गंभीर रूप से घायल

Dhanbad: निरसा थाना क्षेत्र के खुशरी मोड़ पर मंगलवार सुबह भयावह सड़क हादसा हो गया. तेज रफ्तार हाइवा ने एक स्कूटी को...

Dhanbad: निरसा थाना क्षेत्र के खुशरी मोड़ पर मंगलवार सुबह भयावह सड़क हादसा हो गया. तेज रफ्तार हाइवा ने एक स्कूटी को अपनी चपेट में ले लिया. हादसे में 65 वर्षीय बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथ सवार महिला गंभीर रूप से घायल हो गई. घटना के बाद इलाके में भारी तनाव का माहौल है.

यह भी पढ़ें: रांची : पारिवारिक अनबन के बाद घर से भागी नाबालिग को पुलिस ने कानपुर से किया सकुशल बरामद

WhatsApp Image 2026-06-13 at 2.57.59 PM (1)

कैसे हुआ दिल दहला देने वाला हादसा?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पंडरा निवासी मनोज सिन्हा (65 वर्ष) अपनी स्कूटी से वीणा घोष के साथ निरसा की ओर जा रहे थे. इसी दौरान विपरीत दिशा (निरसा की तरफ) से आ रहे एमपीएल (MPL) परिवहन के एक भारी-भरकम हाइवा ने स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी.
भीषण टक्कर: टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कूटी सवार दोनों सड़क पर गिर पड़े.
पहिए के नीचे आए बुजुर्ग: हाइवा का पिछला पहिया मनोज सिन्हा के ऊपर से गुजर गया, जिससे घटनास्थल पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई.
भयावह दृश्य: हादसे के बाद शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया. घटना का दृश्य इतना खौफनाक था कि मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों की रूह कांप उठी.
घायल अस्पताल में भर्ती: स्कूटी पर पीछे बैठीं वीणा घोष इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गईं. उन्हें तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है.
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा: “अब और कितनी जानें जाएंगी?”
हादसे की खबर फैलते ही खुशरी मोड़ पर स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई. उग्र ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रशासन और एमपीएल (MPL) प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
ग्रामीणों का गंभीर आरोप: “एमपीएल परिवहन के भारी वाहनों के कारण इस मार्ग पर लगातार जानलेवा दुर्घटनाएं हो रही हैं. अब तक कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन प्रशासन और कंपनी प्रबंधन कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है.”

मौके पर पहुंचे जनप्रतिनिधि

तनाव की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची. इसके साथ ही निरसा विधायक अरूप चटर्जी और झामुमो (JMM) जिला संयुक्त सचिव तपन तिवारी सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि भी घटनास्थल पर पहुंचे. जनप्रतिनिधियों ने आक्रोशित जनता को समझाने और न्याय का भरोसा दिलाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण ठोस कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे.

यह भी पढ़ें: रांची: कचहरी और अरगोड़ा में अतिक्रमण करने वालों पर गरजा निगम का बुलडोजर, 10 अस्थाई निर्माण तोड़े

ग्रामीणों की मुख्य मांगें

सड़क सुरक्षा को लेकर उग्र ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने स्पष्ट मांगें रखी हैं.
अलग निजी सड़क का निर्माण: MPL परिवहन के भारी वाहनों के आवागमन के लिए एक अलग और समर्पित निजी सड़क बनाई जाए.
आबादी क्षेत्र में नो-एंट्री: घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों और स्थानीय बाज़ारों से भारी वाहनों का परिचालन पूरी तरह से बंद किया जाए.
जनता का तीखा सवाल: “यदि MPL प्रबंधन अपने व्यावसायिक काम के लिए रेलवे लाइन बिछवा सकता है, तो कोयला परिवहन के लिए एक अलग सुरक्षित सड़क क्यों नहीं बनवा सकता? आखिर कब तक क्षेत्र की जनता अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करती रहेगी?”
इस हृदयविदारक हादसे ने एक बार फिर क्षेत्र में भारी वाहनों के अनियंत्रित परिचालन और लचर सड़क सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है. खोखले आश्वासनों से थक चुकी निरसा की जनता अब आर-पार के मूड में है. प्रशासन और कंपनी प्रबंधन को अब जागना ही होगा, वरना ये “किलर हाईवे” न जाने और कितनी मासूम जिंदगियों को निगल जाएगा.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *