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पत्नी के फोनपे पर रिश्वत की राशि लेने के आरोपी अनुज कुमार से होम गार्ड DIG ने मांगा स्पष्टीकरण 

विनीत आभा उपाध्याय Ranchi: झारखंड गृह रक्षा वाहिनी (होमगार्ड) मुख्यालय ने रांची के तत्कालीन स्थापना शाखा प्रभारी और वर्तमान में दुमका में...

image: AI Genertaed

विनीत आभा उपाध्याय 

Ranchi: झारखंड गृह रक्षा वाहिनी (होमगार्ड) मुख्यालय ने रांची के तत्कालीन स्थापना शाखा प्रभारी और वर्तमान में दुमका में पदस्थापित निरीक्षक अनुज कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार, घोर अनुशासनहीनता और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोपों की जांच तेज हो गई है. होम गार्ड के DIG ने अनुज कुमार को सात दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है. 

सोशल मीडिया और शिकायत के बाद खुला मामला 

इस मामले का खुलासा सोशल मीडिया और कोडरमा के बर्खास्त कंपनी कमांडर कैलाश प्रसाद यादव द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से हुआ था. अनुज कुमार पर आरोप है कि जब वह स्थापना शाखा प्रभारी के पद पर तैनात थे तब उन्होंने बर्खास्त कंपनी कमांडर कैलाश प्रसाद यादव के सेवाकाल से जुड़े एक मामले को रफा-दफा करने के एवज में रिश्वत की मांग की थी. 

पत्नी के फोनपे पर ट्रांसफर हुए 5 हजार रुपए 

अनुज कुमार के कहने पर कैलाश प्रसाद यादव ने 5,000 रुपए की राशि उनकी पत्नी के फोनपे नंबर पर ट्रांसफर की थी. इसके बाद 17 नवंबर 2025 को रांची रेलवे स्टेशन के पास स्थित बिरसा मुंडा फूड प्लाजा में दोनों की मुलाकात हुई. आरोप के मुताबिक वहां अनुज कुमार ने कैलाश यादव पर तुरंत 25,000 रुपए देने का दबाव बनाया, जिसके एवज में 15,000 रुपए का नकद भुगतान किया गया. कैलाश यादव ने डिजिटल भुगतान के साक्ष्य भी जांच समिति को सौंपे हैं. 

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त्रिसदस्यीय जांच समिति का हुआ गठन

इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए 28 नवंबर 2025 को जमशेदपुर के जिला समादेष्टा हरिहर सिंह मुंडा की अध्यक्षता में एक त्रिसदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था. समिति ने 20 मार्च 2026 को अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपी, जिसमें डिजिटल और मौखिक साक्ष्यों के आधार पर निरीक्षक अनुज कुमार और उनकी पत्नी के खातों में हुए इस वित्तीय लेन-देन को संदिग्ध और सत्य पाया गया है. जिसके बाद विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि निरीक्षक अनुज कुमार निर्धारित 07 दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण समर्पित नहीं करते हैं तो यह मान लिया जाएगा कि उन्हें अपनी रक्षा में कुछ नहीं कहना है और उनके विरुद्ध एकतरफा प्रस्तावित विभागीय कार्रवाई स्वतः शुरू कर दी जाएगी.

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