Giridih: बेहतर रोजगार और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए दुबई गए डुमरी प्रखंड के दूधपानियां गांव निवासी 40 वर्षीय हुलास महतो पिछले करीब एक महीने से अबू धाबी की जेल में बंद हैं. उनकी रिहाई नहीं होने से परिवार गहरी चिंता में है और सरकार से मदद की गुहार लगा रहा है. परिजनों के अनुसार, हुलास महतो 11 मार्च 2026 को दुबई की एनसीसी कंपनी में काम करने गए थे. लेकिन 28 मई 2026 को दुबई पुलिस ने उन्हें बगोदर निवासी बलदेव सिंह और एक तमिल युवक के साथ गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के कारणों की स्पष्ट जानकारी अब तक परिवार को नहीं मिल सकी है.
परिवार का कहना है कि हुलास महतो के साथ गिरफ्तार किए गए दोनों अन्य लोगों को 11 जून को रिहा कर भारत भेज दिया गया, लेकिन हुलास अब भी जेल में हैं. इससे परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है. हुलास महतो के परिवार में उनकी दिव्यांग पत्नी धानेश्वरी देवी, वृद्ध मां डीलेश्वरी देवी, पुत्र इंद्र कुमार और पुत्री बेबी कुमारी हैं. परिवार के मुखिया के जेल में होने से घर का माहौल गमगीन है. पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि बच्चे भी पिता की सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रहे हैं.

पीड़ित परिवार से मिले सिकंदर अली, दिया आश्वासन
मामले की जानकारी मिलने पर प्रवासी मजदूरों के हित में कार्य करने वाले सिकंदर अली ने परिवार से मुलाकात की. उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी आवश्यक दस्तावेज जुटाकर मामले को राज्य और केंद्र सरकार के साथ-साथ भारतीय दूतावास तक पहुंचाया जाएगा. सिकंदर अली ने कहा कि विदेशों में कार्यरत भारतीय श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप कर हुलास महतो की कानूनी स्थिति की जानकारी लेने और उनकी जल्द रिहाई सुनिश्चित करने की मांग की.
वहीं परिजनों ने केंद्र सरकार, राज्य सरकार, विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास से अपील की है कि मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर हुलास महतो को सुरक्षित भारत वापस लाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएं. परिवार को अब सरकार और प्रशासन से ही उम्मीद है.
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