Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची में हाल के दिनों में कई युवक और युवतियों ने खुदकुशी की है. इसके पीछे की वजह बढ़ता मानसिक तनाव, अफेयर्स और घरेलू कलह है. रांची पुलिस ने कई ऐसे सुसाइड नोट बरामद किए हैं जिसमें मानसिक तनाव, अफेयर्स और घरेलू कलह की बात सामने आईं. आंकड़ों और हालिया घटनाओं पर नजर डालें तो शहर धीरे-धीरे सुसाइड कैपिटल में तब्दील होता जा रहा है, जो पूरे समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है.
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युवाओं और कामकाजी वर्ग में बढ़ रही खुदकुशी की प्रवृत्ति
चिंता की बात यह है कि इन घटनाओं में 18 से 35 वर्ष के युवक और युवती की संख्या सबसे अधिक है. छोटी-छोटी बातों पर आवेश में आकर या लंबे समय से डिप्रेशन का शिकार होने के कारण लोग अपनी जीवनलीला समाप्त कर रहे हैं. सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग और वास्तविक जीवन में संवाद की कमी भी इस संकट को बढ़ा रही है. मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि आत्महत्या एक विचार नहीं, बल्कि गहरे मानसिक दर्द का परिणाम है. इसे रोकने के लिए अपनों का साथ सबसे जरूरी है.
रांची में हाल के महीनों में आत्महत्या के मामले
केस-1: जगन्नाथपुर थाना में एक दिन पहले लटमा रोड में सन्नी कच्छप ने फंदे से लटक कर जान दे दी.
केस-2: पिठौरिया में तीन दिन पहले एक युवती ने आत्महत्या कर ली.
केस-3: धुर्वा में पिछले माह प्रधान यादव नामक एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली.
केस-4: सदर थाना में पिछले माह में एक युवती ने आत्महत्या कर ली. उसने एक महीने पहले अपने बॉयफ्रेंड पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था.
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