Ranchi: भारत की समृद्ध संगीत एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और नई पीढ़ी तक उसके व्यवस्थित प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए भारत के गवैया ने रांची के कांके रोड स्थित अपने कार्यालय से इंडियन लेगेसी ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना का निर्णय लिया है. इसकी जानकारी भारत के गवैया के संस्थापक जितेंद्र कुमार ने दी. उन्होंने बताया कि संस्थान की स्थापना का निर्णय भारत के गवैया के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की सर्वसम्मति से लिया गया. बैठक में संरक्षक अंतु तिर्की, नमिता मिश्रा,आभा सिंह, विभा सिन्हा, जया प्रसाद सहित संगठन के अन्य सदस्य उपस्थित थे. इस अवसर पर दीपक कुमार यादव (मीडिया प्रभारी), अनिल कुमार (इवेंट मैनेजर), सतीश पांडेय (संयोजक) तथा दिनेश सिंह, विजय भानु प्रताप, सुनिधि मेहता, सुधा सिंह, पूनम भारती, महुआ मिंज, ममता अरोड़ा, संध्या कुमारी, प्रज्ञा श्री, साक्षी सिंहा, डॉ मीनाक्षी श्रीवास्तव, डॉ राकेश वर्मा, डॉ उमाशंकर सहित कई नए सदस्यों ने भी संगठन से जुड़कर इस अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया. संरक्षक अंतु तिर्की ने कहा कि कला एवं संस्कृति ही किसी भी देश की वास्तविक पहचान और उसकी सबसे मूल्यवान धरोहर होती है. भारत के गवैया का उद्देश्य केवल कलाकारों को मंच प्रदान करना नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण, प्रोत्साहन और आने वाली पीढ़ियों तक उसका व्यवस्थित हस्तांतरण सुनिश्चित करना है.
रांची से शुरू होगा प्रशिक्षण अभियान
संस्थान के प्रथम चरण में रांची के कांके रोड स्थित प्रशिक्षण केंद्र में भारतीय शास्त्रीय संगीत, सुगम संगीत एवं विभिन्न वाद्य यंत्रों का नियमित प्रशिक्षण प्रारंभ किया जाएगा. इसके अतिरिक्त फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, साउंड रिकॉर्डिंग, संगीत संयोजन,गीत लेखन अभिनय, निर्देशन, फिल्म निर्माण, फिल्म संपादन, कोरियोग्राफी, कैमरा संचालन, भारतीय शास्त्रीय नृत्य तथा भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी अनेक विधाओं में भी चरणबद्ध रूप से प्रशिक्षण प्रदान करने की योजना है. संस्थान का उद्देश्य केवल अल्पकालीन प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, डिग्री, मास्टर डिग्री तथा पीएच.डी. स्तर तक के पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की दीर्घकालिक योजना है. प्रारंभिक चरण में विभिन्न विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षणिक संबद्धता स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है, जिसमें संगठन को उल्लेखनीय प्रगति प्राप्त हुई है.

अजय सिंह होंगे फैकल्टी इंचार्ज
संस्थान के प्रथम फैकल्टी इंचार्ज के रूप में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से संगीत में स्नातक एवं अनुभवी संगीत प्रशिक्षक अजय सिंह ने अपनी जिम्मेदारी स्वीकार की है. उनके नेतृत्व में प्रशिक्षण कार्यक्रम शीघ्र प्रारंभ किए जाएंगे. प्रारंभिक रूप से कक्षाएं प्रत्येक रविवार को कांके रोड स्थित संस्थान कार्यालय में संचालित होंगी.
गरीब एवं दिव्यांग बच्चों को मिलेगा निःशुल्क प्रशिक्षण
भारत के गवैया ने सामाजिक उत्तरदायित्व को प्राथमिकता देते हुए निर्णय लिया है कि आर्थिक रूप से कमजोर, गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले, दिव्यांग तथा ऐसे प्रतिभाशाली विद्यार्थी जो आर्थिक कारणों से शुल्क देने में असमर्थ हैं, उन्हें संस्थान में निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा. संगठन का मानना है कि आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभा की प्रगति में बाधा नहीं बनना चाहिए.
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