Ranchi: डुमरी से विधायक जयराम महतो ने अपने खिलाफ लगातार दर्ज हो रही प्राथमिकी को लेकर विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो का ध्यान आकृष्ट कराया है. उन्होंने पत्र के जरिए कहा है कि उन्हें किसी विशेष छूट या संरक्षण की जरूरत नहीं है, लेकिन उनके खिलाफ शिकायत मिलने पर पुलिस को निष्पक्ष जांच के बाद ही कार्रवाई करनी चाहिए. जयराम महतो का आरोप है कि अलग-अलग मामलों में उनके खिलाफ तथ्यहीन और भ्रामक शिकायतों के आधार पर केस दर्ज किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि वह कानून से ऊपर नहीं हैं, लेकिन एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि के खिलाफ किसी भी शिकायत की गंभीरता, साक्ष्य और घटनास्थल की परिस्थितियों की जांच करना पुलिस की जिम्मेदारी है.

बरवाअड्डा केस का दिया उदाहरण
विधायक ने बरवाअड्डा थाने में दर्ज हालिया प्राथमिकी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें गणेश दास नाम के व्यक्ति के साथ पुलिस हिरासत में मारपीट की जानकारी मिली थी. इसी मामले में उन्होंने थाना प्रभारी से सवाल किया था कि कानूनी प्रक्रिया अपनाने के बजाय हिरासत में मारपीट क्यों की गई. महतो का दावा है कि उन्होंने न तो किसी आरोपी को छोड़ने की मांग की और न ही पुलिस को कार्रवाई करने से रोकने की कोशिश की. उनका कहना है कि इसके बावजूद पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच किए बिना उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी गई.
‘सीसीटीवी और पुलिस की मौजूदगी में जांच जरूरी’
जयराम महतो ने कहा कि घटना के दौरान थाने में सीसीटीवी कैमरे और पुलिसकर्मी मौजूद थे। ऐसे में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले उपलब्ध फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच होनी चाहिए थी. उन्होंने कहा कि उन्हें मुकदमा दर्ज होने से ज्यादा चिंता इस बात की है कि क्या किसी निर्वाचित विधायक के खिलाफ शिकायत मिलते ही बिना पर्याप्त जांच के प्राथमिकी दर्ज करना सही प्रक्रिया है.
पुराने मामलों का भी किया जिक्र
विधायक ने बोकारो और रांची समेत कई घटनाओं का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उनके खिलाफ पहले भी अलग-अलग मामलों में शिकायतें दर्ज कराई गई हैं. उन्होंने दावा किया कि कुछ मामलों में घटना और संबंधित थाने के क्षेत्र को लेकर भी सवाल उठते हैं, लेकिन इन पहलुओं की पर्याप्त जांच किए बिना उनके खिलाफ कार्रवाई की गई. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रांची में फोन पर धमकी देने के मामले में दर्ज प्राथमिकी के बावजूद वायरल ऑडियो में ऐसी बात स्पष्ट नहीं थी.
‘विशेष सुविधा नहीं, समान कानून चाहिए’
जयराम महतो ने कहा कि उनका किसी गठबंधन में शामिल नहीं होना और जेएलकेएम का अकेला विधायक होना उनके खिलाफ कार्रवाई का आधार नहीं बन सकता. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ अपराधी जैसा व्यवहार किया जा रहा है. उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से मामले को गंभीरता से लेने और सरकार व संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस ओर दिलाने की मांग की है. महतो ने कहा कि वह किसी विशेष संरक्षण की मांग नहीं कर रहे, बल्कि सभी नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की तरह निष्पक्ष और समान कानूनी प्रक्रिया चाहते हैं.

