झारखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला: ग्रामीण क्षेत्र में अगर साढ़े चार मीटर चौड़ी सड़क का रास्ता हो तो ही पास होगा नक्शा, गांवों के विकास से लेकर शिक्षकों के बकाए तक के अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर

Ranchi: झारखंड सरकार ने राज्य के सर्वांगीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को नई रफ्तार देने के लिए कई ऐतिहासिक फैसले...

Jharkhand cabinet takes major decision: Maps will only be approved if there is a four-and-a-half-meter-wide road in rural areas. Important proposals ranging from village development to teacher dues have been approved.

Ranchi: झारखंड सरकार ने राज्य के सर्वांगीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को नई रफ्तार देने के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं. मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में सुनियोजित विकास से लेकर अधिवक्ताओं के कल्याण, दिव्यांग बच्चों को राहत और शिक्षकों को सातवें वेतनमान का बकाया ब्याज सहित देने जैसे कई जनहितैषी प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाई गई. इन फैसलों से राज्य के हर वर्ग को सीधा लाभ पहुंचेगा.

अब अधिक चौड़ी सड़कों से सुगम होगा रास्ता

• सड़क की चौड़ाई का नया नियम: ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित संस्थानों, प्रशासनिक संस्थाओं और उद्योगों के लिए नक्शा तभी पास होगा जब वहां कम से कम साढ़े चार मीटर चौड़ी सड़क उपलब्ध होगी. पहले यह प्रक्रिया ‘झारखंड बिल्डिंग बायलॉज’ के तहत होती थी.
• आदित्यपुर नगर निगम भवन: आदित्यपुर में नए नगर निगम भवन के निर्माण के लिए 39.67 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं.

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सड़क निर्माण और हस्तांतरण

पूर्वी सिंहभूम में सीआइआरएफ के तहत भुईंया सिनाल से सिसना तक 22.44 किमी सड़क निर्माण के लिए 102.40 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई. खेराबनी से घाघरै तक 9.17 किमी सड़क को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए इसके चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण के लिए 53.73 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए.

एयर एम्बुलेंस और पीजी सीटों में बढ़ोतरी

हेलीकॉप्टर इमरजेंसी मेडिकल सर्विस: आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए एक ‘सिंगल इंजन हेलीकॉप्टर’ किराए पर लेने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है. इस पर सालाना 9.45 करोड़ रुपये खर्च होंगे. धनबाद स्थित इस प्रमुख मेडिकल कॉलेज में पीजी की सीटें बढ़ाने का फैसला लिया गया है, जिससे राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी.

7वें वेतनमान का एरियर और नए डिग्री कॉलेज

राज्य के विश्वविद्यालयों और अंगीभूत कॉलेजों के शिक्षकों को 1 जनवरी 2016 से 7वें वेतनमान का लाभ देने की स्वीकृति दी गई है. इसके साथ ही, अब तक न मिले बकाए का भुगतान ब्याज के साथ किया जाएगा. गिरिडीह के जमुआ में डिग्री महाविद्यालय के लिए 38.22 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई. रामगढ़ के मांडू में डिग्री कॉलेज के लिए 40.14 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई. जेसी बोस विवि, विनोबा भावे विवि, कोयलांचल विवि, रांची विवि, सिद्धो-कान्हू विवि और नीलांबर-पीतांबर विवि के पदों को रिअरेंज (पुनर्व्यवस्थित) करने की मंजूरी दी गई.

बच्चों और दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष राहत

सिकल सेल, थैलेसीमिया, हीमोफीलिया, टाइप-1 मधुमेह जैसी गैर-संक्रामक बीमारियों से पीड़ित बच्चों और दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में 75 फीसदी उपस्थिति (अटेंडेंस) की अनिवार्यता से छूट देने का एक बेहद संवेदनशील फैसला लिया गया है. आंगनबाड़ी के माध्यम से पोषाहार उपलब्ध कराने वाली टेक होम राशन एजेंसी को 6 महीने का सेवा विस्तार दिया गया है. इस दौरान पारदर्शी प्रक्रिया के तहत नई एजेंसी का चयन किया जाएगा.

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प्रशासनिक सुधार, कल्याण योजनाएं और कानून व्यवस्था

झारखंड अधिवक्ता कल्याण निधि न्यास समिति’ को जेसीएफ से 12 करोड़ 3.42 लाख रुपये हस्तांतरित करने की स्वीकृति दी गई, जिससे वकीलों के हित के काम हो सकेंगे. कल्याण विभाग के छात्रावासों के बेहतर प्रबंधन और संचालन के लिए अब उपायुक्त के स्तर पर चयन समिति का गठन किया जाएगा. बुंडू में अनुमंडलीय न्यायालय स्थापित करने/संचालित करने से जुड़े नीतिगत निर्णय पर स्वीकृति प्रदान की गई. मनरेगा और ‘जल जीवन मिशन’ की प्रगति रिपोर्ट को आगामी विधानसभा सत्र में पटल पर रखने को मंजूरी दी गई.

चिड़ियाघर प्राधिकार का दायरा बढ़ा

गिरिडीह (पूर्वी वन प्रमंडल) और दुमका वन प्रमंडल में नए चिड़ियाघर के निर्माण को गति देने के लिए ‘झारखंड चिड़ियाघर प्राधिकार’ के कार्यक्षेत्र का विस्तार करने का निर्णय लिया गया.

अधिकारियों से जुड़े फैसले

• वेजफेड के पूर्व एमडी रामोद नारायण झा के खिलाफ पेंशन जब्ती और गबन राशि की ब्याज सहित वसूली के पुराने आदेश को निरस्त कर दिया गया है.
• को-ऑपरेटिव विभाग के चंदेश्वर कापर की वर्ष 2016 से प्रभावी बर्खास्तगी के आदेश को रद्द करने की स्वीकृति दी गई.
• कसमार की तत्कालीन चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अर्चना चौधरी को सेवा से बर्खास्त करने का कड़ा फैसला लिया गया.

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