झारखंड: सुर्खियों में रहने वाले दो बड़े मामलों में CBI ने दाखिल की क्लोजर रिपोर्ट, पीड़ितों ने किया विरोध, पढ़ें पूरी रिपोर्ट

SAURAV SINGH Ranchi: झारखंड की सियासत और कानून व्यवस्था को सालों तक कटघरे में खड़ा करने वाले दो बेहद संवेदनशील मामलों में...

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Ranchi: झारखंड की सियासत और कानून व्यवस्था को सालों तक कटघरे में खड़ा करने वाले दो बेहद संवेदनशील मामलों में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को कोई सबूत नहीं मिले हैं. पलामू के चर्चित ‘बकोरिया एनकाउंटर’ और रांची के सफायर इंटरनेशनल स्कूल के छात्र ‘विनय महतो हत्याकांड’ में जांच एजेंसी ने अदालत में क्लोजर रिपोर्ट सौंप दी है. हालांकि, दोनों ही मामलों में पीड़ितों के परिवारों ने हार मानने से इनकार करते हुए CBI के इस फैसले को अदालत में चुनौती देने का ऐलान किया है.

बकोरिया एनकाउंटर: 12 मौतों के मामले में CBI ने मुठभेड़ को माना सही

यह मामला 18 जून 2015 को पलामू जिले के सतबरवा (बकोरिया) में एक भीषण मुठभेड़ हुई थी. जिसमें उग्रवादी कमांडर डॉ. अनुराग समेत 12 लोग मारे गए थे. पुलिस, CRPF और कोबरा बटालियन का दावा था कि मारे गए सभी लोग प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन के सदस्य थे. यह मामला तब पूरी तरह पलट गया जब तत्कालीन दरोगा हरीश पाठक ने अपने ही उच्चाधिकारियों को एक पत्र लिखा. उन्होंने आरोप लगाया कि उग्रवादी संगठन JJMP ने इन लोगों की हत्या की थी, जिसे बाद में पुलिस ने मुठभेड़ का रूप दे दिया.

इस पत्र के बाद झारखंड पुलिस महकमे के भीतर ही दो फाड़ हो गए थे और तत्कालीन सरकार पर भी सवाल उठे थे. लंबी जांच के बाद CBI ने विशेष अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है. फॉरेंसिक रिपोर्ट और वैज्ञानिक तथ्यों का हवाला देते हुए CBI ने इस मुठभेड़ को सही और वास्तविक करार दिया है. विशेष अदालत ने इस रिपोर्ट के आधार पर मामले के मूल शिकायतकर्ता जवाहर यादव को नोटिस जारी किया. जवाहर यादव ने CBI के इस निष्कर्ष को खारिज करते हुए इस फैसले के खिलाफ देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) जाने का निर्णय लिया है.

सफायर इंटरनेशनल स्कूल: विनय महतो की मौत का रहस्य सुलझाने में नाकाम रही CBI

पांच फरवरी 2016 की रात रांची के प्रतिष्ठित सफायर इंटरनेशनल स्कूल के छात्र विनय महतो की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. वह हॉस्टल के परिसर में लहूलुहान हालत में मिला था. इस मामले ने पूरे राज्य के अभिभावकों और सुरक्षा व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया था. झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर जुलाई 2022 में सीबीआई ने इस केस की कमान संभाली थी.

सिर्फ 3 मिनट 48 सेकंड का अनसुलझा रहस्य

CBI की क्लोजर रिपोर्ट के अनुसार, CCTV फुटेज और तकनीकी विश्लेषण से पता चलता है, कि रात 1:01:14 बजे विनय अपने हॉस्टल के कमरे से बाहर निकला था. महज 3 मिनट 48 सेकंड बाद, यानी रात 1:05:02 बजे वह स्टाफ क्वार्टर (विंग-ए) से नीचे गिर गया. जांच एजेंसी ने कई बार ‘क्राइम सीन रिक्रिएशन’ किया. स्कूल स्टाफ और छात्रों से गहन पूछताछ की, लेकिन इतने कम समय में वास्तव में क्या हुआ और उसकी मौत के पीछे कौन था, इसका कोई ठोस सबूत या साजिश का सिरा CBI के हाथ नहीं लगा.

पिता ने दायर की प्रोटेस्ट पिटीशन

CBI के इस कदम से इंसाफ की आस लगाए बैठे विनय के पिता मनबहाल महतो और उनके परिवार को गहरा सदमा लगा है. सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट के विरोध में मनबहाल महतो ने रांची सिविल कोर्ट स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में प्रोटेस्ट पिटीशन (विरोध याचिका) दाखिल की है. 12 जून को इस याचिका पर अदालत में आंशिक बहस हुई. मनबहाल महतो की अधिवक्ता खुशबू कटारुका ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट की कमियों पर सवाल उठाए और अदालत से इस पर दोबारा विचार करने का आग्रह किया है.

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