राहुल गांधी की गिरफ्तारी और चोट पर भड़की झारखंड कांग्रेस, रांची में मंत्रियों-विधायकों समेत कई नेता हिरासत में लिए गए

Ranchi: प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पुलिस हिरासत में लिए जाने और इस दौरान उन्हें...

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झारखंड कांग्रेस नेता

Ranchi: प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पुलिस हिरासत में लिए जाने और इस दौरान उन्हें चोट लगने की घटना ने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है. राहुल गांधी के चेहरे पर खून और नाक में चोट की खबर मिलते ही झारखंड की राजधानी रांची में कांग्रेस आक्रामक तेवर में सड़क पर उतर आई. कांग्रेस प्रभारी के. राजू के नेतृत्व में लोक भवन के निकट विरोध प्रदर्शन कर रहे तमाम दिग्गज मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले कर कोतवाली थाना भेज दिया है. इस दमनकारी कार्रवाई के बाद प्रदेश कांग्रेस में जबरदस्त आक्रोश है.

लोकतंत्र का गला घोंटने की सुनियोजित साजिश: के. राजू

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने इस घटना को केंद्र सरकार की कायराना हरकत करार दिया. उन्होंने कहा कि देश के युवाओं, छात्रों और विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए सत्ताधारी दल किसी भी हद तक गिर चुका है. हिरासत में लेने के दौरान राहुल गांधी को चोट पहुंचाना महज एक इत्तेफाक नहीं, बल्कि विपक्ष के शीर्ष नेतृत्व को खत्म करने की गहरी राजनीतिक साजिश है. जनता इस तानाशाही का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार बैठी है.

सड़क से थाने तक गूंजे नारे

घटना की सूचना मिलते ही रांची में राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने बैरिकेडिंग तोड़कर विरोध दर्ज कराया. गिरफ्तार होने वाले प्रमुख नेताओं में दीपिका पांडे सिंह, राधा कृष्ण किशोर, डॉ. इरफान अंसारी, राजेश कच्छप, सुरेश बैठा, अनूप सिंह, बंधु तिर्की, नमन विक्सल कोंगाडी और राजेश ठाकुर,आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव, राजीव रंजन प्रसाद, आदित्य विक्रम जायसवाल, आभा सिन्हा, जयशंकर पाठक, डॉ. कुमार राजा, शाहबाज अहमद, शिल्पी कुमारी, अमरिंदर सिंह, राजेश सिंह सनी, रुद्र शुक्ला और डॉ. तौसिफ शामिल हैं. इन सभी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लेकर सीधे कोतवाली थाना पहुंचा दिया, जहां कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारों के साथ प्रदर्शन जारी रखा.

जनता लेगी तानाशाही का हिसाब

कांग्रेस नेताओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि दमन की इन हथकंडों से विपक्ष की आवाज को दबाया नहीं जा सकता. युवाओं के हक और लोकतंत्र की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी और आक्रामक रूप से सड़क पर संघर्ष करेगी. आने वाले दिनों में बीजेपी नीत केंद्र सरकार को जनविरोधी नीतियों का भारी राजनीतिक मूल्य चुकाना होगा.

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