Ranchi: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के समग्र विकास, बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े 49 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है. इस कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों का सीधा असर आम नागरिकों, युवाओं, शिक्षकों, कर्मचारियों और न्याय व्यवस्था पर पड़ेगा. राज्य सरकार ने कई लंबित मामलों का निष्पादन करते हुए बड़े वित्तीय प्रावधानों और प्रशासनिक स्वीकृतियों को हरी झंडी दिखाई है.
शिक्षा और विश्वविद्यालय जगत में बड़े बदलाव
राज्य के प्रमुख विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रबंधन को दुरुस्त करने के लिए पदों का पुनर्गठन किया गया है. सर जे. सी. बोस विश्वविद्यालय, गिरिडीह एवं इसके अंगीभूत महाविद्यालयों में विभागीय संकल्प के तहत पदों का पुनर्संरेखण किया गया है. विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग, बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय, धनबाद, कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा, रांची विश्वविद्यालय, रांची, सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका, और नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय, मेदिनीनगर, पलामू के अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में भी शैक्षणिक पदों के पुनर्संरेखण की स्वीकृति दी गई है.
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सेवानिवृत्त शिक्षकों को बड़ी राहत
राज्य के विश्वविद्यालयों एवं अंगीभूत महाविद्यालयों (घाटानुदानित अल्पसंख्यक महाविद्यालयों को छोड़कर) के 1 दिसंबर 2004 के पूर्व नियुक्त सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं पदाधिकारियों को 7th सातवें पुनरीक्षित वेतनमान के अंतर्गत पेंशन एवं पारिवारिक पेंशन का लाभ 01 जनवरी 2016 से दिए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसमें बकाया राशि 6% ब्याज के साथ दी जाएगी.
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
राज्य के दूरस्थ स्थानों से गंभीर मरीजों को कम समय में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 01 सिंगल इंजन हेलीकॉप्टर की एम्बुलेंस सेवा किराए पर लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2029-30 तक राज्य योजना के अंतर्गत शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज धनबाद के समग्र विकास और पुनर्विकास के लिए कुल 1,94,73,42,600 रुपये की लागत पर प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है. इसके तहत मौजूदा 100 यूजी सीटों को बढ़ाकर 250 यूजी सीटें, 16 पोस्ट-पीजी सीटों को बढ़ाकर 50 पोस्ट-पीजी सीटें करने तथा अन्य संबद्ध बुनियादी ढांचे के विकास का कार्य होगा.
सड़क निर्माण और ग्रामीण अवसंरचना को गति
घाघरा से जोकारी भाया रन्हे, कुण्डो, रुकीघाटी पथ (कुल लंबाई 19.100 किमी) को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए चौड़ीकरण और मजबूतीकरण कार्य के लिए 1,01,77,37,700 रुपये स्वीकृत किए गए हैं. इसके अलावा परवल आरसीएस पथ से करंज पथ तक (कुल लंबाई 14.251 किमी) के निर्माण के लिए 76,75,18,900 रुपये मंजूर किए गए हैं. टांगरबसली मोड़ से बोबरो मोड़ (कुल लंबाई 11.576 किमी) को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए चौड़ीकरण, मजबूतीकरण एवं पुनर्निर्माण कार्य के लिए 63,77,13,300 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है. केंद्रीय सड़क एवं आधारभूत संरचना निधि के अंतर्गत भुइयांसिनान से सुसनी भाया हाथीखेदा मंदिर पथ के पुनर्निर्माण कार्य (कुल लंबाई 22.445 किमी) के लिए कुल 102,40,37,300 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है, जिसमें से 21.53 करोड़ रुपये से अधिक की राशि राज्यांश के रूप में वहन की जाएगी.नए म्युनिसिपल बिल्डिंग के निर्माण कार्य हेतु 39,67,09,000 रुपये की तकनीकी स्वीकृति प्राप्त प्राक्कलन पर प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है.
न्यायिक सुधार, महाधिवक्ता कार्यालय का सुदृढ़ीकरण और कानूनी मामले
झारखंड उच्च न्यायालय में सरकार का पक्ष प्रभावी ढंग से रखने के लिए महाधिवक्ता कार्यालय में कई नए पदों के सृजन को मंजूरी मिली है. इसके तहत वरीय अपर महाधिवक्ता के 2, अपर महाधिवक्ता के 1, राजकीय अधिवक्ता का 1, सरकारी वकील के 44 और लॉ रिसर्च ऑफिसर के 15 अतिरिक्त पदों का सृजन किया गया है. साथ ही महाधिवक्ता और अन्य विधि पदाधिकारियों के शुल्क निर्धारण व पुनरीक्षण की भी स्वीकृति दी गई है. झारखंड वरीय न्यायिक सेवा (भर्ती, नियुक्ति एवं सेवाशर्त) नियमावली, 2001 के नियमों के आलोक में झारखंड उच्च न्यायालय की अनुशंसा पर जिला न्यायाधीश के पद पर 2 अभ्यर्थियों की सीधी भर्ती द्वारा नियुक्ति की स्वीकृति दी गई है. वित्तीय वर्ष 2026-27 में झारखंड अधिवक्ता कल्याण निधि न्यासी समिति के अंतर्गत निबंधित अधिवक्ताओं के लिए छात्रवृत्ति/वजीफा मद की राशि में आंशिक फेरबदल करते हुए सहायता अनुदान सामान्य मद में 12,32,00,000 रुपये का उपबंध झारखंड राज्य आकस्मिकता निधि से अग्रिम के रूप में कराने की स्वीकृति दी गई है.
सेवा मामलों, पेंशन और अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय
तारकेश्वर प्रसाद सिंह के सेवाकाल की कालबद्ध प्रोन्नति, प्रथम एवं द्वितीय एसीपी/एमएसीपी और पेंशन निर्धारण के लिए वित्त विभागीय परिपत्र के प्रभाव को क्षांत करने की स्वीकृति दी गई. षनाथ शुक्ला द्वारा अस्थायी पद पर की गई कार्य अवधि को न्यूनतम पेंशन प्रदायी सेवा अवधि में जोड़े जाने का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ. जयनाथ यादव की सेवा नियमित एवं संपुष्ट करते हुए उन्हें अनुमान्य एसीपी और एमएसीपी का लाभ दिए जाने का निर्णय लिया गया। दिवंगत कर्मचारियों (स्व. नरेश कुमार, स्व. भूषण मुनि और स्व. हाशीमउद्दीन) की सेवा नियमित एवं संपुष्ट करते हुए उनके आश्रितों को अनुकंपा आधारित नियुक्ति का लाभ देने की स्वीकृति दी गई. शोभा मुर्मू, सहायक शिक्षिका, राजकीय कन्या उच्च विद्यालय, दुमका को सेवा में पुनर्स्थापित कर परिणामी लाभ एवं पेंशनादि की स्वीकृति प्रदान की गई. कृष्ण मुरारी एवं अन्य के मामले में माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में WP(S) 877/2018 के याचिकाकर्ताओं को सीएएस के तहत दी गई प्रोन्नति का लाभ देय तिथियों से स्वीकृत किया गया.
बिहार राज्य वस्त्र निगम के कर्मियों का समायोजन
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में बिहार राज्य वस्त्र निगम लिमिटेड, पटना के अधीन संचालित इकाई में कार्यरत रहे कर्मियों का सरकारी सेवा में समायोजन स्वीकृत किया गया. वित्त विभाग के आइएफएमएस पोर्टल के साथ बैंक एकाउंट वेरिफिकेशन तथा ऑनलाइन पैन वेरिफिकेशन सेवाओं के इंटीग्रेशन के लिए प्रोटेन ई गर्वरनेंस टेक्नोलॉजी लिमिटेड के मनोनयन की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई.
