Ranchi: झारखंड के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं देने के उद्देश्य से हेमंत सोरेन सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. राज्य के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने प्रदेश के विभिन्न सरकारी अस्पतालों और चिकित्सालयों में चल रहे पुराने, जर्जर और अनुपयोगी एम्बुलेंसों को बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस संबंध में विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने मंगलवार को एक आधिकारिक पत्र जारी कर राज्य के सभी सिविल सर्जनों और स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक प्रमुख को निर्देश दिए हैं.
आठ साल पुराने वाहनों को कंडम घोषित कर किया जाएगा नीलाम:
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार, राज्य के सभी जिलों के अधीनस्थ राजकीय अस्पतालों में संचालित एम्बुलेंसों की समीक्षा की जाएगी. इस समीक्षा के दौरान जिन एम्बुलेंसों की समय-सीमा आठ वर्ष से अधिक हो चुकी है या जो 1.5 लाख किलोमीटर से ज्यादा चल चुके हैं, उन्हें नियमानुसार ‘कंडम घोषित कर दिया जाएगा. कंडम घोषित करने के बाद इन पुराने वाहनों को नीलाम करने की कार्रवाई की जाएगी.

एक सप्ताह के भीतर मांगी गई पूरी रिपोर्ट:
सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को बेहद गंभीरता से लिया है. पत्र में झारखंड के सभी सिविल सर्जनों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने जिलों के अस्पतालों में चल रहे एम्बुलेंसों की समीक्षा करें। उन्हें वाहन संख्या सहित सभी महत्वपूर्ण विवरणों के साथ एक पूरी सूची तैयार करनी होगी। यह विस्तृत प्रतिवेदन एक सप्ताह के भीतर निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं को उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है.
नए एम्बुलेंसों की खरीद को जल्द मिलेगी मंजूरी:
सभी जिलों से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद, स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक प्रमुख को इन आंकड़ों को जमा करने की जिम्मेदारी दी गई है वे एक समेकित प्रस्ताव तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को भेजेंगे, ताकि अस्पतालों के लिए नए एम्बुलेंस की खरीद के लिए वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जा सके.
