Ranchi: झारखंड में अब सरकारी इमारतों और आधारभूत संरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) के निर्माण में न तो ढीला रवैया चलेगा और न ही गुणवत्ता से कोई समझौता होगा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भवन निर्माण विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए हैं कि राज्य में जारी सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप वर्ल्ड-क्लास गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए. सीएम ने स्पष्ट कर दिया कि जनता के पैसे का सही सदुपयोग और टिकाऊ निर्माण ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.

क्वालिटी कंट्रोल के लिए नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में बन रहे विभिन्न सरकारी भवनों, आधुनिक कार्यालय परिसरों, आवासीय परिसर, शैक्षणिक संस्थानों और स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की. उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए विभागीय अधिकारियों को कहा कि सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर काम की रफ्तार दिखनी चाहिए. निर्माण कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने आधुनिक एवं टिकाऊ (सस्टेनेबल) तकनीकों को अपनाने तथा परियोजनाओं की नियमित और कड़ाई से टेक्निकल मॉनिटरिंग (तकनीकी निरीक्षण) करने पर विशेष जोर दिया.
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बैठक में मौजूद रहे राज्य के शीर्ष अधिकारी
झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन) में आयोजित इस बैठक में राज्य की प्रशासनिक मशीनरी के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे. इनमें मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, भवन निर्माण विभाग के सचिव अरवा राजकमल, खान निदेशक राहुल कुमार सिन्हा और भूतत्व निदेशक कुमार अमिताभ सहित कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल थे.
