Ranchi: झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने डुमरी विधायक जयराम महतो के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार करते हुए उनकी भाषा और आचरण पर गहरा ऐतराज जताया है. एसोसिएशन के संयुक्त सचिव राकेश पांडेय ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विधायक जयराम महतो हताशा और फ्रस्ट्रेशन में आ चुके हैं और पुलिस महकमे को लेकर अमर्यादित टिप्पणियां कर रहे हैं.

निजता और गोपनीयता के उल्लंघन का आरोप
एसोसिएशन के संयुक्त सचिव राकेश पांडेय ने जयराम महतो के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा, “जयराम महतो जी, पुलिस बल को लेकर बेताल जैसी बातें मत कीजिए. व्यक्तिगत बातें उछालना बंद करें. आप आए दिन किसी न किसी पुलिस पदाधिकारी से पर्सनली बात करते हैं और उस बातचीत को रिकॉर्ड करके सिर्फ रील बनाने और यूट्यूब पर व्यूज पाने के लिए सार्वजनिक कर देते हैं. उस वक्त आपको अफसरों की निजता और बातचीत की गोपनीयता याद नहीं आती?
जब खुद पर बीतती है तब आपको खुदा याद आता है संविधान के मंदिर में बैठने वाले नेताओं को भाषा में संयम की जरूरत राकेश पांडेय ने कड़े शब्दों में विधायक को अपनी मर्यादा याद दिलाते हुए कहा कि झारखंड पुलिस एसोसिएशन का स्पष्ट मानना है कि जयराम महतो को अपनी भाषा पर संयम रखना चाहिए. वे एक जनप्रतिनिधि हैं और संविधान के मंदिर यानी विधानसभा का प्रतिनिधित्व करते हैं. ऐसी स्थिति में एक जनप्रतिनिधि से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति गरिमापूर्ण व्यवहार की उम्मीद की जाती है. झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने इस पूरे मामले में राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से संज्ञान लेने की अपील की है.
डीसी-एसपी हर 15 दिन में पुलिसकर्मी को देते मां-बहन का गाली
विधायक जयराम महतो और धनबाद के बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के बीच कथित ऑडियो वायरल होने के मामले में विवाद गहराता जा रहा है. झारखंड पुलिस एसोसिएशन द्वारा 24 घंटे के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के अल्टीमेटम पर पलटवार करते हुए विधायक जयराम महतो ने स्पष्ट किया है कि वे फांसी पर चढ़ जाएंगे, लेकिन माफी किसी कीमत पर नहीं मांगेंगे. जयराम महतो ने पुलिस एसोसिएशन के खिलाफ कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि एसोसिएशन किस अधिकार से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहा है. उन्होंने कहा कि वे कोई जज नहीं हैं जो किसी मामले में फैसला सुनाएं. जयराम महतो के अनुसार, उनकी बातचीत व्यक्तिगत ऑडियो कॉल के जरिए कान में हुई थी, उसे किसी सार्वजनिक मंच पर नहीं कहा गया था. इसके साथ ही उन्होंने ऑडियो में एडिटिंग और छेड़छाड़ का आरोप लगाया.
जयराम महतो ने पुलिस संगठन की नीयत पर सवाल उठाते हुए तीखे हमले किए
– विधायक ने कहा कि अगर पुलिस संगठन में सच में हिम्मत है तो पहले अपने ही जिले के DC का इस्तीफा मांगे. उन्होंने दावा किया कि हर 15-20 दिनों में पुलिसकर्मी और थाना स्तर के अधिकारी डीसी से मां-बहन की गालियां सुनते हैं. अगर संगठन में दम है, तो पहले डीसी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराए और उनके खिलाफ मोर्चा खोले.
– जयराम महतो ने पुलिसकर्मियों से अपने सीने पर हाथ रखकर सच बोलने की बात कही. उन्होंने पूछा कि क्या उन्हें उनके एसपी या डीसी से अपमानजनक गालियां नहीं सुननी पड़तीं?
– जयराम महतो ने आरोप लगाया कि वे एक अलग विचार और बिरादरी से आते हैं तथा इकलौते विधायक हैं, इसी वजह से उन्हें निशाना बनाने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस की जा रही है.
– विधायक का कहना है कि यह एक पर्सनल कॉल था जिसे एडिट कर वायरल किया गया है. अगर पुलिस एसोसिएशन इतना ही ईमानदार है तो वह अधिकारियों के खिलाफ खुलकर बोले.
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