Ranchi: झारखंड सचिवालय के गलियारों में पिछले कई दिनों से चल रहा गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया है.सचिवालय सेवा संघ के कड़े विरोध के बाद सचिवालय सेवा के लिए गठित ‘कैडर रिव्यू कमेटी’ में सरकार ने आंशिक बदलाव करते हुए संघ के दो प्रमुख पदाधिकारियों को आधिकारिक तौर पर सदस्य के रूप में शामिल कर लिया है.कार्मिक विभाग ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिया है.
पूर्व में गठित कमेटी के स्वरूप उठे थे सवाल
सचिवालय सेवा संघ ने पूर्व में गठित कमेटी के स्वरूप पर गंभीर सवाल उठाए थे.संघ का तर्क था कि बिना उनके प्रतिनिधियों के कैडर रिव्यू की प्रक्रिया निष्पक्ष और व्यावहारिक नहीं हो सकती.अपनी मांगों को लेकर 28 अप्रैल को प्रोजेक्ट भवन सचिवालय में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया था, जिससे कामकाज प्रभावित हुआ था. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री की पहल पर मंत्री इरफान अंसारी और सुदिव्य सोनू ने संघ के प्रतिनिधियों के साथ उच्च स्तरीय वार्ता की थी.
कमेटी का नया स्वरूप
सदस्य राजस्व पर्षद की अध्यक्षता में बनी इस उच्चस्तरीय कमेटी में अब प्रशासनिक और संगठनात्मक दोनों दृष्टिकोणों का समन्वय दिखेगा.
अध्यक्षता: सदस्य, राजस्व पर्षद.
प्रशासनिक सदस्य: सचिव, राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग तथा सचिव, कार्मिक विभाग.
संघ का प्रतिनिधित्व: झारखंड सचिवालय सेवा संघ के अध्यक्ष रितेश कुमार और महासचिव राजेश कुमार सिंह को बतौर सदस्य शामिल किया गया है.
अब आगे क्या
अब कैडर रिव्यू की प्रक्रिया के दौरान संघ के प्रतिनिधियों से सीधे राय ली जाएगी, जिससे पदोन्नति, पदों के सृजन और सेवा शर्तों में सुधार जैसे मुद्दों पर कर्मचारियों की वास्तविक समस्याओं को पटल पर रखा जा सकेगा. संघ के शामिल होने से कैडर रिव्यू की रिपोर्ट अब अधिक संतुलित और कर्मचारी हितैषी होने की उम्मीद है.
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