झारखंड: अधिकारियों के रवैये से नाराज वित्त मंत्री ने लिखा पत्र, कहा- ‘अहंकार में डूबे हैं अफसर, नहीं उठाते फोन’

Ranchi: झारखंड के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों के व्यवहार और कार्यशैली पर गहरी नाराजगी...

Jharkhand: The Finance Minister, upset with the attitude of officials, wrote a letter saying, "Officers are arrogant and don't pick up the phone."

Ranchi: झारखंड के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों के व्यवहार और कार्यशैली पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है. उन्होंने आरोप लगाया है कि राज्य के कई अधिकारी अहंकार से ग्रस्त हैं और जन प्रतिनिधियों (सांसदों व विधायकों) को उचित सम्मान नहीं दे रहे हैं. इस गंभीर विषय को लेकर मंत्री किशोर ने मंत्रिमंडल एवं समन्वय विभाग के अपर मुख्य सचिव और विधानसभा अध्यक्ष को एक पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई और दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की मांग की है.

जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा, न पत्रों का जवाब, न फोन कॉल

मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने अपने पत्र में इस बात पर विशेष रूप से चिंता जताई है कि जन प्रतिनिधियों द्वारा जनहित में लिखे जाने वाले पत्रों को अधिकारी ठंडे बस्ते में डाल देते हैं. अधिकारी जन प्रतिनिधियों द्वारा भेजे गए पत्रों का समय पर जवाब देना भी जरूरी नहीं समझते. साथ ही जनप्रतिनिधियों के फोन कॉल रिसीव नहीं किए जाते हैं. कई अधिकारी अपने मोबाइल फोन को ‘स्विच ऑफ मोड’ में डाल देते हैं, जिससे उनसे संपर्क साधना असंभव हो जाता है. वित्त मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कुछ अधिकारियों का यह व्यवहार उनके अहंकार को दर्शाता है जो पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है.

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पुराने दिशा-निर्देशों की उड़ाई जा रही धज्जियां

अपने पत्र के माध्यम से राधाकृष्ण किशोर ने याद दिलाया कि वर्ष 2021 में ही मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग द्वारा एक स्पष्ट निर्देश जारी किया गया था. इस निर्देश में सभी विभागों और उनके अधीनस्थ कार्यालयों को यह आदेश दिया गया था कि वे सांसदों, विधायकों और अन्य जन प्रतिनिधियों के पत्रों का समयबद्ध उत्तर दें और उनके साथ हमेशा सम्मानजनक व्यवहार करें. इसके बावजूद, जमीनी हकीकत यह है कि इन सरकारी आदेशों की लगातार धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और जनप्रतिनिधियों की लगातार उपेक्षा हो रही है.

लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए नुकसानदेह है, कार्यपालिका का यह रवैया

वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार राज्य में एक संवेदनशील प्रशासन देने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. ऐसे में अधिकारियों द्वारा सरकार के ही निर्देशों की अनदेखी करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए एक बेहद चिंताजनक संकेत है.

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